नई दिल्ली : भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार गिरावट आई है और ब्रेंट क्रूड अमेरिका-ईरान जंग से पहले वाले स्तर पर लौट आया है। आज इंट्राडे में ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के नीचे चला गया था। अभी यह 0.46% गिरकर 73.28 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। अमेरिकी WTI क्रूड भी टूटकर 69.95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। क्रूड में गिरावट से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल सस्ते होने की तगड़ी संभावना बन गई है।
ईरान की एंट्री और होर्मुज से निकले टैंकर बने बड़ी वजह
मिडिल ईस्ट संकट के बाद कच्चे तेल में आई पूरी तेजी अब हवा हो चुकी है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह ईरान की अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में दोबारा एंट्री है। साथ ही अमेरिका-ईरान के बीच समझौता होने से होर्मुज जलडमरूमध्य से बड़ी संख्या में तेल टैंकर ट्रैकिंग सिस्टम चालू रखकर सुरक्षित गुजर रहे हैं। इससे वैश्विक तेल सप्लाई पूरी तरह सामान्य होने की राह पर है।
चौतरफा सप्लाई से खरीदारों की चांदी, और गिर सकते हैं दाम
ग्लोबल मार्केट में अभी खरीदारों की चांदी है क्योंकि कच्चे तेल की उपलब्धता उम्मीद से ज्यादा बढ़ गई है। रिफाइनिंग कंपनियों और खरीदारों को मिडिल ईस्ट से लेकर पश्चिम अफ्रीका तक सभी बड़े निर्यातक क्षेत्रों से भारी मात्रा में नए ऑफर मिल रहे हैं। ईरान के भारी-भरकम तेल भंडार की एंट्री से आने वाले दिनों में सप्लाई और बढ़ेगी, जो कीमतों को और नीचे खींच सकती है।
ब्रेंट स्प्रेड में बेयरिश कॉन्टैंगो, सुस्ती का साफ संकेत
क्रूड की सुस्ती का असर ब्रेंट क्रूड के प्रॉम्प्ट स्प्रेड पर भी दिखने लगा है। बुधवार को तेल बाजार का यह अहम संकेतक मिडिल ईस्ट संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार तकनीकी रूप से बेयरिश कॉन्टैंगो की स्थिति में पहुंच गया। यह बाजार में कमजोरी और आगे भी दाम गिरने का संकेत माना जाता है।
