कल शनिवार को गौरैया संस्कृति संस्थान के कार्यशाला की प्रस्तुतीकरण संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान सभागार में सायं 6 बजे से हुआ संस्था की अध्यक्ष रंजना मिश्रा ने ने बताया किइस कजरी कार्यशाला में उन्होने 11 अलगअलगप्रकारके कजरी सिखाई जैसे मिर्जापुरी,बारामासा,कृष्ण लीला वअवध की कजरी एवं कृष्णजन्मके सोहर आदि वहीं ,प्रसिद्ध लोकगायिका इन्दिरा श्रीवास्तव जी के निर्देशन में कार्यशाला में सावन, कजरी ,नकटा सिखाया था । कार्यशाला की प्रस्तुतीकरण शुरुआत वीणा पाणि मइया …से की,।तत्पश्चात जननी झूलै चनन झुलनवा पवनवा चंवर डोलावै ना..नटवर नंदलाल..सावन ऋतु आय गई..आदि गीतो की । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डी.जी जेल थे व विशिष्ठ अतिथि डी.आई.जी.जेल थे व संस्थान के सभी पदाधिकारी थे।गौरैयी संस्कुति संस्थान द्वारा सावन की एक संगीत मई शुरुआत कर दिया गया।जेल विभाग के डी.जी.व डी.आई.जी मुख्य अतिथि के रूप में कजरी का आनंद लिए कार्यशाला में , प्रतिमा त्रिपाठी,अल्पना श्रीवास्तव, नीलिमा सिंह,सुनीता निगम, आशा तिवारी,निशा पाठक,रीना सिंह,आभा श्रीवास्तव,सुनीता चौरसिया, सरिता अग्रवाल, वीना सक्सेना,अमिता दिवेदी ,निकिता मिश्रा,प्रीती दिवाकर, सुषमा रस्तोगी,रंजना सिंह, भावना शुक्ला,अरुणा उपाध्याय, सीमा पाण्डेय कुमकुम मिश्रा,अनुराधा गुप्ता,सहित 30 महिलाये आनलाईन व आफलाइन जुङी हैं।जिनमें बङा उत्साह देखा गया जो हमारी संस्कृति व परम्परा के लिए अत्यन्त आवश्यक है।कार्यक्रम में सभी श्रोता व कलाकार आनंदित थे।
