नई दिल्ली : ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना के हमले में मारे गए देवरिया के नाविक शिव आनंद चौरसिया का शव 8 दिन बाद बुधवार को पैतृक गांव सुरौली पहुंचा। MT सेटेबेलो जहाज पर हुए हमले में शिव आनंद की मौत हुई थी। शव गोरखपुर एयरपोर्ट लाकर एम्बुलेंस से गांव पहुंचाया गया। परिवार ने पहले शव लेने से इनकार कर दिया और सरकारी मदद, नौकरी व शहीद का दर्जा देने की मांग की। डीएम-एसपी के आश्वासन के बाद परिवार माना।
8 दिन बाद पहुंचा शव, परिवार का विरोध
शिव आनंद चौरसिया मर्चेंट जहाज MT सेटेबेलो पर तैनात थे। ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में उनकी मौत हो गई थी। 8 दिन बाद बुधवार को उनका शव गोरखपुर एयरपोर्ट लाया गया, फिर एम्बुलेंस से देवरिया के सुरौली गांव पहुंचा। शोक में डूबे गांव में भीड़ जमा हो गई। परिवार ने पहले शव को एम्बुलेंस से उतारने से मना कर दिया। उनकी मांग थी कि शिव आनंद को सरकारी सम्मान मिले और परिवार को मदद दी जाए।
परिवार की 4 बड़ी मांगें: नौकरी, 2 करोड़, फ्री शिक्षा, शहीद का दर्जा
शिव आनंद के पिता रामजी चौरसिया ने डीएम मधुसूदन हुल्गी को ज्ञापन सौंपा। परिवार ने 4 मांगें रखीं:
पत्नी को सरकारी नौकरी
केंद्र और यूपी सरकार से 1-1 करोड़ यानी कुल 2 करोड़ की आर्थिक मदद
दोनों बच्चों की 12वीं तक मुफ्त शिक्षा
शिव आनंद को शहीद का दर्जा
डीएम हुल्गी और एसपी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मांगें राज्य सरकार तक भेजी जाएंगी। डीएम ने पत्नी और बच्चों से मुलाकात की और कहा कि प्रशासन परिवार के साथ है।
गुरुवार को पोस्टमार्टम, फिर अंतिम संस्कार
अधिकारियों के मुताबिक, परिवार के अनुरोध पर गुरुवार सुबह शव का पोस्टमार्टम होगा। इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। सलेमपुर से सपा सांसद रामाशंकर राजभर ने भी परिवार से मुलाकात की। उन्होंने 1 करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की मांग की। राजभर बोले कि ये मुद्दा संसद में उठाएंगे और अखिलेश यादव परिवार की मदद करेंगे। बीजेपी विधायक सुरेंद्र चौरसिया भी परिवार से मिले और साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।
