नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक डील की 14 बड़ी शर्तें सामने आई हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि रविवार को समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। इस डील से होर्मुज स्ट्रेट तुरंत खुलेगा और दोनों देशों के रिश्तों में बुनियादी बदलाव आएगा। ट्रंप ने दावा किया कि ये डील ओबामा डील से अलग है और ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकेगा। ईरान की Mehr न्यूज एजेंसी ने शर्तों का खुलासा किया है।
ईरान को मिलेगी बड़ी आर्थिक राहत
डील की शर्तों के मुताबिक ईरान के तेल, पेट्रोकेमिकल्स और एक्सपोर्ट पर लगी पाबंदियां हटेंगी। ईरान को अपने वित्तीय संसाधनों का पूरा एक्सेस मिलेगा। 60 दिन की बातचीत के दौरान फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर जारी होंगे। इसमें से 12 अरब डॉलर बातचीत शुरू होने से पहले ही रिलीज कर दिए जाएंगे। अमेरिका और सहयोगी ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर की योजनाएं पेश करेंगे।
30 दिन में होर्मुज खुलेगा, अमेरिकी सेना हटेगी
समझौते के तहत अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी 30 दिन के अंदर पूरी तरह हटेगी। होर्मुज स्ट्रेट को ईरान की व्यवस्था के तहत 30 दिन में फिर से खोल दिया जाएगा। अमेरिकी सेनाएं ईरान के आसपास के इलाकों से हट जाएंगी। लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध तुरंत और हमेशा के लिए बंद होगा। अमेरिका ईरान के मामलों में दखल न देने और संप्रभुता का सम्मान करने का वादा करेगा।
परमाणु हथियार पर बैन, मिसाइल प्रोग्राम बाहर
ईरान परमाणु हथियार न बनाने के NPT वादे को फिर दोहराएगा। परमाणु मुद्दों और पाबंदियों को पूरी तरह हटाने पर फाइनल डील के लिए 60 दिन की बातचीत होगी। अमेरिका बातचीत के दौरान सेना न बढ़ाने या नई पाबंदी न लगाने पर सहमत होगा। ईरान का मिसाइल प्रोग्राम और रेजिस्टेंस ग्रुप्स को समर्थन इस डील का हिस्सा नहीं हैं। निगरानी तंत्र काम देखेगा और फाइनल डील को UNSC से मंजूरी मिलेगी।
अहम शर्त: Mehr एजेंसी के मुताबिक आखिरी बातचीत तब तक शुरू नहीं होगी जब तक 12 अरब डॉलर रिलीज नहीं होते, तेल बैन नहीं हटता और नाकेबंदी खत्म नहीं होती।
