लखनऊ : जेवर एयरपोर्ट से 15 जून को पहली व्यावसायिक उड़ान का इतिहास रचा जाएगा। खास बात ये कि इस पहली फ्लाइट में 172 किसान सफर करेंगे जिन्होंने एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीन दी थी। यह उड़ान लखनऊ के लिए होगी जहां सभी किसान CM योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। प्रशासन इसे किसानों और विकास परियोजनाओं के बीच साझेदारी का प्रतीक बता रहा है।
पहली उड़ान जमीन देने वाले किसानों के नाम, लखनऊ जाएंगे 172 अन्नदाता
जेवर एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट में सिर्फ वही 172 किसान सफर करेंगे जिनकी हजारों एकड़ जमीन पर ये इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना है। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह भी किसानों के साथ लखनऊ जाएंगे। लखनऊ पहुंचकर सभी किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे और परियोजना के लिए जमीन देने पर उन्हें औपचारिक धन्यवाद देंगे।
किसानों का गर्व: “हमारी जमीन देश के विकास में लगी”
स्थानीय किसानों ने जेवर एयरपोर्ट परियोजना के लिए अपनी जमीन दी, तभी ये विशाल प्रोजेक्ट आकार ले सका। सरकार मानती है कि किसानों के सहयोग बिना ये मुमकिन नहीं था। किसानों में उत्साह है। उनका कहना है कि उनकी भूमि देश और प्रदेश के विकास में उपयोग हो रही है, ये गर्व की बात है। इसी योगदान को सम्मान देने के लिए विशेष उड़ान रखी गई।
उत्तर भारत का सबसे बड़ा विमानन केंद्र बनेगा जेवर एयरपोर्ट
15 जून की उड़ान जेवर एयरपोर्ट के लिए मील का पत्थर है। दावा है कि पूरी तरह चालू होने पर ये उत्तर भारत के सबसे बड़े विमानन केंद्रों में से एक होगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। प्रशासन ने ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं।
