वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिका में किसी भी हाल में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
ट्रंप ने कहा, “नेतन्याहू ईरान के खिलाफ लड़ रहे हैं”। उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने हाल ही में 52 हजार बेगुनाह प्रदर्शनकारियों को मार डाला। साथ ही कहा कि ईरान पिछले 47 सालों से अमेरिकी सैनिकों और अन्य लोगों की हत्या करता आ रहा है।
ईरान पर साधा निशाना
ट्रंप ने कहा कि अगर गिरफ्तार करना है तो ईरान के नेताओं को करना चाहिए, जिन्होंने देश को “मौत और बर्बादी के सिलसिले” में धकेला। उन्होंने इसे पहले ही सुलझाया जाना चाहिए था और इसके लिए पिछली अमेरिकी सरकारों को जिम्मेदार ठहराया।
राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या किसी भी सूरत में माफी लायक नहीं है। जो लोग हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं उन पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि नेतन्याहू पर जो खुद ईरान के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं।
अमेरिका-इजरायल दोस्ती मजबूत
ट्रंप ने साफ संदेश दिया कि अमेरिका नेतन्याहू के साथ पूरी तरह खड़ा है और किसी भी गिरफ्तारी की कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने इसे अमेरिका की विदेश नीति से जोड़ते हुए कहा कि पिछली सरकारों की कमजोरी की वजह से संकट बड़ा हुआ।
गौरतलब है कि नेतन्याहू पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादों में घिरे हैं। ऐसे में अमेरिका के राष्ट्रपति का खुला समर्थन US-Israel संबंधों की मजबूती दिखाता है।
ट्रंप का ये बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ इसे इजरायल के प्रति खुला समर्थन बता रहे हैं तो कुछ इसे ईरान के खिलाफ सख्त नीति का संकेत मान रहे हैं। फिलहाल ईरान या नेतन्याहू की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
