अयोध्या : राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों की जांच के लिए गठित SIT का अयोध्या में आज दूसरा दिन है। लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, IG किरण एस. और विशेष सचिव वित्त नील रतन की तीन सदस्यीय टीम सोमवार को दोपहर 12 बजे अयोध्या पहुंची थी। 8 घंटे की मैराथन जांच के बाद टीम आज फिर ट्रस्ट दफ्तर पहुंची है। कड़े पहरे के बीच दान पेटियों से लेकर बैंक खातों तक की पड़ताल की जा रही है।
8 घंटे चला जांच का पहला दौर: 40 दान पेटियों का किया मुआयना
SIT तीन अलग-अलग गाड़ियों से वीवीआईपी गेट के रास्ते मंदिर परिसर में दाखिल हुई। दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक टीम ने ट्रस्ट दफ्तर में डेरा डाला। सबसे पहले रामलला के दर्शन के बाद उन 40 दान पेटियों की जांच की गई जिनमें श्रद्धालु चढ़ावा डालते हैं। अधिकारियों ने परखा कि क्या दान पेटियों से सीधे नकदी निकालना संभव है। SBI के अधिकारी पहले से ही ट्रस्ट दफ्तर में मौजूद थे।
चढ़ावा गिनने की पूरी चेन पर नजर: 50 कर्मचारियों का ब्यौरा खंगाला
जांच का मुख्य फोकस उस हॉल पर रहा जहां दान पेटियां खोली जाती हैं। यहां वाराणसी की एक निजी कंपनी के 24 कर्मचारी नोटों की गड्डियां बनाते हैं। इन पर ट्रस्ट के 12 कर्मचारी निगरानी रखते हैं। TCS और SBI के 14 कर्मचारी मिलकर नोट गिनते हैं। SIT ने सभी 50 कर्मचारियों के आने-जाने का रजिस्टर, तलाशी की व्यवस्था और पिछले एक साल में नौकरी छोड़ने वाले स्टाफ का पूरा ब्यौरा जुटाया। बैंक में रकम जमा करने के बही-खातों का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया।
कौन कर रहा जांच: CBI अनुभवी IG से लेकर वित्त एक्सपर्ट तक
SIT में तीनों अफसर अपने क्षेत्र के माहिर हैं। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत मंदिर प्रशासन देख रहे हैं। CBI से अनुभव प्राप्त IG किरण एस. चोरी की संभावनाओं की पुलिसिया जांच कर रहे हैं। वित्त विभाग के नील रतन अकाउंट बुक और वित्तीय गड़बड़ी तलाश रहे हैं। CCTV सिस्टम को भी समझा गया। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और व्यवस्थापक गोपाल राव मौजूद रहे। अनिल मिश्रा इलाज के चलते अनुपस्थित थे। गोपाल राव मीडिया से दूरी बनाते दिखे। SIT को 15 दिन में सरकार को रिपोर्ट सौंपनी है। उसी से पता चलेगा कि कितनी चोरी हुई और कौन जिम्मेदार है।
