प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर गहन मंथन हुआ। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने सैन्य आदान-प्रदान (Military Exchanges) से लेकर परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) और रक्षा उत्पादन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आपसी सहयोग का विस्तार करने पर सहमति व्यक्त की है।
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रक्षा और सैन्य सहयोग पर जोर: बैठक में दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में मिलकर काम करने, रक्षा प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान करने और सैन्य अभ्यासों/संवादों को बढ़ाने पर विशेष चर्चा की।
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परमाणु ऊर्जा और वैश्विक भागीदारी: नागरिक परमाणु ऊर्जा (Civil Nuclear Energy) के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने पर बातचीत हुई। इसके अलावा, भारत की वैश्विक पहलों और बहुपक्षीय मंचों पर साझेदारी को मजबूत करने पर भी दोनों देशों ने सहमति जताई।
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व्यापार, निवेश और रोजगार: द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों देशों के बीच हालिया समझौतों के तहत निवेश बढ़ाने और तकनीकी हस्तांतरण को गति देने पर विचार-विमर्श हुआ।
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वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दे: विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और आपसी हित के क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।
