कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग और देश की निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पार्टी की 3 प्रमुख और गैर-समझौतावादी (non-negotiable) मांगें सामने रखी हैं। खरगे ने सोशल मीडिया पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार घबराहट में ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है, लेकिन कांग्रेस अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगी।
कांग्रेस की 3 प्रमुख मांगें:
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मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का इस्तीफा: कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग की है।
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SIR (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) प्रक्रिया की रद्दीकरण: मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान को तुरंत रद्द करने की मांग की गई है।
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बैलेट पेपर से चुनाव की वापसी: ईवीएम (EVM) के बजाय देश में आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर (बैलेट पर्ची) से कराने की मांग दोहराई गई है।
खबर के मुख्य बिंदु:
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लोकतंत्र और निष्पक्षता पर सवाल: मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि वर्तमान चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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विपक्ष का कड़ा रुख: खरगे ने स्पष्ट किया कि इन तीन मांगों पर पार्टी किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना विरोध जारी रखेंगे।
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‘ध्यान भटकाने की साजिश’ का आरोप: केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सत्तारूढ़ दल जनता और विपक्ष का ध्यान मूल मुद्दों से हटाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहा है।
