बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने राजनीति में गिरते स्तर और व्यक्तिगत बयानों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए राजनीतिक दलों और नेताओं को नसीहत देते हुए कहा है कि किसी पर भी व्यक्तिगत हमले करना और विषैली राजनीति को बढ़ावा देना देश के व्यापक हित में बिल्कुल भी नहीं है।
राजनीतिक मर्यादा और स्वस्थ चर्चा की जरूरत
मायावती ने स्पष्ट किया कि राजनीति हमेशा नीति, नीयत, सिद्धांतों और जनहित के मुद्दों पर आधारित होनी चाहिए। मुद्दों से भटककर व्यक्तिगत छींटाकशी या कीचड़ उछालने से न तो जनता का भला होता है और न ही देश का। उन्होंने नेताओं से अपील की है कि वे अपनी राजनीतिक लड़ाइयों को शालीनता और गरिमा के दायरे में रखें।
विषैली राजनीति से देश को नुकसान
बसपा प्रमुख का मानना है कि आज के दौर में जिस तरह की विषैली राजनीति (Toxic Politics) देखने को मिल रही है, वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं को कमजोर कर रही है। इससे समाज में नफरत और दूरियां बढ़ती हैं, जो अंततः देश की प्रगति और राष्ट्रीय एकता के लिए नुकसानदेह साबित होती हैं।
उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वे ओछी बयानबाजी और व्यक्तिगत हमलों से ऊपर उठकर देश और जनता के वास्तविक विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें।
