पटाखों के विरोध में दिए जाने वाले विज्ञापनों और अभियानों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक बेहद अहम और कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि पटाखों के खिलाफ चलने वाले सेलिब्रिटी अभियानों या विज्ञापनों पर किसी भी प्रकार के सरकारी धन (पब्लिक फंड) का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
अदालत की सख्त टिप्पणी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की कि सरकारी खजाने का उपयोग इस तरह के विज्ञापनों पर खर्च करने के लिए नहीं होना चाहिए, खासकर जब अन्य जरूरी सामाजिक और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता होती है। अदालत के इस फैसले को प्रशासनिक खर्चों और सरकारी बजट के सदुपयोग के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सार्वजनिक धन के उपयोग पर रोक
इस आदेश के बाद अब सरकार या संबंधित विभागों द्वारा पटाखों के खिलाफ प्रचार-प्रसार के लिए मशहूर हस्तियों (सेलिब्रिटीज) को शामिल कर बड़े पैमाने पर विज्ञापन देने के लिए जनता के पैसों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। हाईकोर्ट के इस कदम से सार्वजनिक कोष के उचित प्रबंधन और उसकी पारदर्शिता को लेकर एक बड़ा संदेश गया है।
