लखनऊ:बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने स्वास्थ्य को लेकर चल रही अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इसी दौरान उन्होंने पार्टी से निष्कासित पूर्व नेता आकाश आनंद पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि वह आज भी स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले पा रहे हैं और अपने ससुर (पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ) के नक्शेकदम पर चल रहे हैं।
1. स्वास्थ्य से जुड़ी अफवाहों पर दिया स्पष्टीकरण
- मायावती ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पार्टी के कुछ निष्कासित लोग कार्यकर्ताओं के बीच यह भ्रम फैला रहे थे कि उनकी तबीयत खराब है।
- इसी सिलसिले में शनिवार रात आकाश आनंद ने बसपा इंचार्ज आलोक कुमार को फोन करके मायावती के स्वास्थ्य के बारे में पूछा था।
- आलोक कुमार ने जवाब दिया कि बहन जी एकदम ठीक हैं।
- इसके बाद आकाश ने उनसे कहा कि इस कॉल की जानकारी मायावती को न दी जाए।
मायावती ने इस कॉल की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि आकाश अभी भी खुद सोचने-समझने के बजाय अपने ससुर के दिमाग से काम ले रहे हैं।
2. संगठन में फेरबदल और चुनावी तैयारियां
पार्टी में हाल ही में किए गए कड़े फैसलों को सही ठहराते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि इससे संगठन को मजबूती मिली है, कोई नुकसान नहीं हुआ है।
निर्णय / कदम
विवरणतीन सेक्टरों में विभाजनसंगठन के कामकाज को गति देने के लिए देश को 3 सेक्टरों में बांटा गया है। सेक्टर-1 (यूपी और उत्तराखंड) का काम मायावती के direct मार्गदर्शन में चलेगा।पद में बदलाव‘मुख्य सेक्टर प्रभारी’ का पद समाप्त कर दिया गया है। अब सभी रिपोर्ट सीधी उपाध्यक्ष आनंद कुमार के पास जाएगी, जो मायावती को अपडेट करेंगे।चुनावी आह्वानकार्यकर्ताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न देकर आने वाले चुनावों की तैयारियों में युद्ध स्तर पर जुट जाएं।
3. ब्रिक्स (BRICS) घोषणापत्र और भारत-चीन संबंधों पर प्रतिक्रिया
पार्टी मामलों के अलावा, मायावती ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी:
ब्रिक्स समिट घोषणापत्र: उन्होंने नई दिल्ली में जारी ब्रिक्स घोषणापत्र का स्वागत करते हुए इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया। उन्होंने फिलिस्तीन के लिए ‘दो-देश समाधान’ और पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख का समर्थन किया।
भारत-चीन संबंध: उन्होंने कहा कि दोनों देशों को मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए और सीमा विवाद को जल्द से जल्द बातचीत के जरिए हल करना चाहिए।
