लखनऊ: 03 नवंबर, 2026 उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने आज भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर), तेलीबाग, लखनऊ के प्रांगण में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ के भव्य शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री, भारत सरकार श्री शिवराज सिंह चौहान उपस्थित रहे।समारोह के दौरान कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ 2026 सीजन हेतु मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 86,500 मीट्रिक टन मूंगफली एवं 43,250 मीट्रिक टन तिल की खरीद के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।श्री शाही ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी का उत्तर प्रदेश के समस्त किसानों की ओर से हृदय से आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।

उन्होंने कहा कि यह फैसला प्रदेश के मूंगफली एवं तिल उत्पादक किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित कराएगा तथा उन्हें किसी भी प्रकार की संकटपूर्ण बिक्री से बचाकर आर्थिक रूप से सशक्त व आत्मनिर्भर बनाएगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने अभियान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ केवल एक सामान्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि मृदा स्वास्थ्य को बचाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग को कम करने तथा किसानों को प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती की ओर अग्रसर करने का एक जन-आंदोलन है।कृषि मंत्री ने कहा कि रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से हमारी धरती की उर्वरा शक्ति निरंतर क्षीण हो रही है। इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए किसानों को जैविक खाद, गोबर की खाद, हरी खाद और नैनो उर्वरकों के संतुलित प्रयोग को अपनाना होगा, ताकि खेत की मिट्टी को पुनः जीवंत बनाया जा सके। उन्होंने बल देकर कहा कि अन्नदाता का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है और केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही है।इस अवसर पर भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. एस.एन. सुशील, भारत सरकार के कृषि संयुक्त सचिव श्री मुक्तानन्द अग्रवाल, आईसीएआर-अटारी (कानपुर) के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह, कृषि वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
