नई दिल्ली : भारतीय खेल जगत के लिए बुरी खबर है। दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को 49 साल की उम्र में निधन हो गया। म्यूनिख से ISSF वर्ल्ड कप के बाद दिल्ली लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ी थी। दिल्ली एयरपोर्ट से उन्हें साकेत के मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके निधन से खेल जगत में शोक की लहर है।
म्यूनिख से लौटते समय बिगड़ी तबीयत
जसपाल राणा ISSF वर्ल्ड कप में भारतीय दल के हाई परफॉर्मेंस कोच थे। वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद टीम के साथ म्यूनिख से नई दिल्ली लौट रहे थे। यात्रा के दौरान उन्हें असहज महसूस हुआ। फ्लाइट के दिल्ली पहुंचने पर एयरपोर्ट से सीधे साकेत के मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया। शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
ऐसा रहा जसपाल राणा का करियर
मूल रूप से उत्तराखंड के उत्तरकाशी निवासी जसपाल राणा ने वर्ल्ड शूटिंग चैम्पियनशिप और एशियन गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीते थे। देश में निशानेबाजी को लोकप्रिय बनाने में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है। उनकी उपलब्धियों के लिए साल 2002 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। रिटायरमेंट के बाद वह उभरती प्रतिभाओं को कोचिंग दे रहे थे।
कॉमनवेल्थ गेम्स के सबसे सफल भारतीय
जसपाल राणा का नाम कॉमनवेल्थ गेम्स इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है.खेल
– कुल 15 पदक
– 9 स्वर्ण, 4 रजत, 2 कांस्य
– 1994, 1998, 2002 और 2006 में लगातार चार संस्करणों में पदक
2002 मैनचेस्टर कॉमनवेल्थ गेम्स उनका सबसे सफल संस्करण रहा, जहां उन्होंने 6 पदक जीतकर इतिहास रचा.
एशियन गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन
2006 दोहा एशियन गेम्स में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए-
– 3 स्वर्ण पदक
– 1 रजत पदक
25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में 590 अंक बनाकर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, जो उनके करियर का सबसे प्रतिष्ठित क्षण माना जाता है.
सम्मान और राष्ट्रीय पहचान
उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च खेल और नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया-
– अर्जुन पुरस्कार (1994)
– पद्मश्री (1997)
– द्रोणाचार्य पुरस्कार (2020 में- कोचिंग के लिए)
मनु भाकर को दिलाया ओलंपिक मेडल, राजनाथ सिंह ने जताया शोक
जसपाल राणा ने पेरिस ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर को भी कोचिंग दी थी। टोक्यो ओलंपिक 2020 में नाकामी के बाद मनु ने उनसे ही ट्रेनिंग ली और पेरिस में मेडल जीता। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने X पर शोक जताते हुए लिखा कि जसपाल एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और कोच होने के साथ-साथ सहज, सरल और नेकदिल इंसान थे। भारत में शूटिंग को लोकप्रिय बनाने में उनकी बड़ी भूमिका थी।
