संयुक्त राष्ट्र में बोले ईरानी राष्ट्रपति: “ईरान ने कभी युद्ध शुरू नहीं किया और न ही किसी के आगे झुकेगा”

विदेश

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका और इज़राइल पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान ने इतिहास में कभी किसी देश पर हमला नहीं किया है और न ही वह किसी बाहरी दबाव या धमकी के आगे सरेंडर करेगा।

भाषण के मुख्य बिंदु:

  • “हम आतंकवादी नहीं, आतंकवाद के पीड़ित हैं”: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान खुद आतंकवाद का शिकार रहा है। उन्होंने मंच से मीनाब प्राथमिक विद्यालय (Minab school) पर हुए हमले में मारे गए निर्दोष बच्चों की तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि अमेरिकी और इज़राइली हथियारों से मासूमों की जान ली गई है।

  • दबाव में बातचीत मंजूर नहीं: ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान कूटनीति और वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन यह बराबरी के स्तर पर होनी चाहिए। “बल और धमकी की भाषा” में कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • परमाणु ऊर्जा पर रुख: उन्होंने दोहराया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा है, लेकिन शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु तकनीक हासिल करना उसका मौलिक अधिकार है। उन्होंने इज़राइल के परमाणु हथियारों पर वैश्विक चुप्पी और ईरान पर लगे प्रतिबंधों के दोहरे रवैये (double standards) पर भी सवाल उठाए।

  • आत्मरक्षा का अधिकार: पेज़ेशकियन ने स्पष्ट किया कि ईरान का सैन्य ढांचा पूरी तरह रक्षात्मक है ताकि कोई भी देश उनके शहरों पर हमला करने से पहले सौ बार सोचे।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले हथियारों या आक्रामकता के लिए इस जलमार्ग का उपयोग नहीं करने दिया जाएगा।

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