‘धर्म मनुष्य को कल्याण और उन्नति के मार्ग पर अग्रसर करता है’: पीएम मोदी ने साझा किया विदुर नीति का सुभाषित

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए देशवासियों को धर्म, क्षमा, ज्ञान और अहिंसा के महत्व का संदेश दिया है। पीएम मोदी ने बताया कि धर्म ही मनुष्य को कल्याण, शांति और प्रगति के मार्ग पर ले जाता है।

साझा किया गया संस्कृत श्लोक:
“एको धर्मः परं श्रेयः क्षमैका शान्तिरुत्तमा।

विद्यैका परमा तृप्तिरहिंसैका सुखावहा॥”

विदुर नीति का श्लोक: यह श्लोक महाभारत के ‘उद्योग पर्व’ (अध्याय 33, श्लोक 48) के अंतर्गत विदुर नीति से लिया गया है। महात्मा विदुर ने यह उपदेश राजा धृतराष्ट्र को तब दिया था, जब वे मानसिक अशांति और पुत्र-मोह से व्याकुल थे।

धर्म और कर्तव्य ही मार्गदर्शक: श्लोक के अनुसार धर्म का अर्थ केवल किसी पूजा-पद्धति या संप्रदाय से नहीं, बल्कि कर्तव्य-परायणता, सत्य और नैतिकता से है। इंसान चाहे कितना भी धन या पद पा ले, अंत में उसका धर्म (सत्य व अच्छे कर्म) ही उसका सच्चा मार्गदर्शक बनता है।

क्षमा से मानसिक शांति: क्रोध और बदले की भावना मन की शांति को खत्म कर देती है। दूसरों को माफ कर देने से मन द्वेष और तनाव से मुक्त होता है। क्षमा को मानसिक शांति का सबसे उत्तम साधन बताया गया है।

विद्या से सच्चा संतोष: भौतिक धन की लालसा कभी खत्म नहीं होती, लेकिन ‘विद्या’ (ज्ञान) अज्ञानता को दूर कर व्यक्ति को विवेकशील बनाती है और जीवन में हर परिस्थिति के बीच वास्तविक संतोष देती है।

अहिंसा से स्थाई सुख: हिंसा और कलह केवल भय और दुख लाते हैं, जबकि अहिंसा, करुणा और प्रेम से ही समाज और व्यक्ति के जीवन में सच्चा सुख कायम होता है।

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