रामकृष्ण मठ, लखनऊ में नशा मुक्त युवा कार्यक्रम का आयोजन सम्पन्न।

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

लखनऊ : भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय मादक द्रव्य मांग न्यूनीकरण कार्ययोजना तथा नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आज रविवार, दिनांक 02 अगस्त 2026 को प्रातः 10 बजे से रामकृष्ण मठ, निराला नगर, लखनऊ के प्रेक्षागृह में नशा मुक्त युवा कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जलन के साथ हुई तथा मठ के संन्यासियों द्वारा वैदिक मन्त्रोच्चारण किया गया। इस अवसर पर रामकृष्ण मठ, लखनऊ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज, विवेकानन्द पाॅलीक्लीनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के चिकित्सा अधीक्षक डा0 बी0 के सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर तथा कार्मिक अधिकारी डा0 विशाल कुमार सिंह व अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे।

अपने उद्घाटन भाषण में रामकृष्ण मठ, लखनऊ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज ने कार्यक्रम में उपस्थित संन्यासीगण, भक्तगणों, कर्मचारियों, युवाओं, नर्सिंग छात्राओं का नशा मुक्त भारत अभियान में सामिल होने के लिए स्वागत किया तथा नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके मानसिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
स्वामी जी ने विद्यार्थियों एवं युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि नशे की प्रारम्भिक पहचान समय रहते कर ली जाए, तो व्यक्ति को इस बुरी आदत से बचाया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार रखने तथा उनसे निरंतर संवाद बनाए रखने की सलाह दी, ताकि वे अपनी समस्याएँ बिना संकोच साझा कर सकें।

स्वामी जी ने नशा मुक्ति हेतु राष्ट्रीय हेल्पलाइन नम्बर 1800-11-0031 की जानकारी देते हुए कहा कि इस पर नशे से संबंधित परामर्श एवं सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सभी को संदेश दिया, ‘‘आप सुरक्षित रहेंगे, तो आपका परिवार भी सुरक्षित रहेगा।’’

नशामुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के साथ एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज ने उनके प्रश्नों के उत्तर देकर नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डा0 बी0के0 सिंह ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान समाज को स्वस्थ एवं जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से लिवर सिरोसिस, फैटी लिवर तथा धूम्रपान (सिगरेट) से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच रेव पार्टियों तथा मादक पदार्थों के बढ़ते प्रचलन के कारण अनेक गंभीर शारीरिक एवं मानसिक समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।

डा0 बी0के0 सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सदैव सजग रहना चाहिए तथा शिक्षा, खेल, योग, सेवा और अन्य सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपने जीवन को सार्थक दिशा प्रदान करनी चाहिए।

तत्पश्चात उपस्थित युवओं को स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज द्वारा निर्देशित ध्यान कराया गया। निर्देशित ध्यान के उपरान्त विवेकानन्द पाॅलीक्लीनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान के कार्मिक अधिकारी डा0 विशाल कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। उन्होंने स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज द्वारा नशा मुक्त युवा कार्यक्रम का आयोजन कराने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के राष्ट्रव्यापी नशा मुक्त भारत कार्यक्रम की सराहना की।

तदुपरान्त समूह में मुर्तमहेश्वर स्तोत्रतम का पाठ किया गया तथा श्री हरि ओम द्वारा नशा मुक्त युवा पर एक प्रेरक भाषण दिया।

इस अवसर पर देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) किया गया, जिसमें उन्होंने देश के युवाओं को ‘‘नशा मुक्त युवा’’ की शपथ दिलाते हुए नशामुक्त भारत के निर्माण का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस राष्ट्रव्यापी संबोधन में उन्होंने युवाओं को नशे के कुचक्र से बचाने, योग और परिवार के सहयोग पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने इस अभियान को 100 सप्ताह के सतत जन भागीदारी आंदोलन के रूप में शुरू किया है, जिसमें एक करोड़ से अधिक युवाओं ने नशा मुक्ति की शपथ ली। मोदी जी ने कहा कि यदि कोई युवा गलती से नशे की लत में पड़ जाए, तो उसके रास्ते बंद नहीं होते। परिवारों को सामाजिक प्रतिष्ठा की बजाय तुरंत चिकित्सीय और मनोवैज्ञानिक मदद लेनी चाहिए। उन्होंने नशे की लत से बाहर आने वाले युवाओं को कमजोर नहीं बल्कि असली योद्धा बताया और समाज से उन्हें पूरा सम्मान व दूसरा मौका देने का आग्रह किया। सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ देशव्यापी स्तर पर सख्त कार्रवाई, हजारों करोड़ के ड्रग्स जब्त करने और अपराधियों की धरपकड़ का संकल्प दोहराया। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और देश को 2047 तक एक विकसित व नशा-मुक्त राष्ट्र बनाना है।

इसके उपरांत रामकृष्ण मठ, लखनऊ एवं उसके संघटक संस्थानों के संन्यासीगण, कर्मचारी, भक्तगण, नर्सिंग विद्यार्थी एवं अन्य प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त भारत की शपथ ग्रहण की।

ज्ञातव्य है कि नशा मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ 15 अगस्त 2020 को किया गया था और वर्तमान में यह देश के सभी जनपदों में संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं तथा शैक्षणिक संस्थानों में जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता एवं क्षमता निर्माण के माध्यम से मादक द्रव्यों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा नशे की प्रवृत्ति की रोकथाम करना है। इस राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत आगामी 100 सप्ताह (दो वर्षों) तक देशभर में विभिन्न जन-जागरूकता एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में संन्यासीगण, भक्तगणों, कर्मचारियों, युवाओं, नर्सिंग छात्राओं जो लगभग 500 की संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा नशामुक्त भारत के संकल्प को दोहराने तथा राष्ट्रहित में नशा उन्मूलन के लिए सक्रिय सहयोग का संकल्प लेने के साथ हुआ तथा सभी प्रतिभागियों को जलपान कराया गया।

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