विद्या के ‘मैं’-रूपी पहाड़ में ही शुद्ध पानी जमता है – स्वामी मुक्तिनाथानंद
मंगलवार के प्रातः कालीन सत् प्रसंग में रामकृष्ण मठ लखनऊ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानंद जी ने कहा कि* आध्यात्मिक जीवन में सबसे बड़ी बाधाओं में से *एक है—अहंकार*। मनुष्य जब अपने ज्ञान, पद, धन, सामर्थ्य या उपलब्धियों को लेकर स्वयं को बड़ा समझने लगता है, तब उसके भीतर ईश्वर के प्रति समर्पण और विनम्रता के […]
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