नई दिल्ली: यूरोप के कई प्रमुख देशों में लगातार बढ़ती महंगाई, आर्थिक संकट और प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ जनता का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। फ्रांस, इटली, बेल्जियम, पुर्तगाल और अल्बानिया जैसे देशों में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों ने अब अत्यंत उग्र और हिंसक रूप ले लिया है। यूरोपीय महाद्वीप में बिगड़ते सुरक्षा हालात और बड़े पैमाने पर हो रही लूटपाट को देखते हुए भारत सरकार ने वहाँ रह रहे अपने नागरिकों के लिए एक अहम सुरक्षा एड्वाइजरी जारी की है। सरकार ने नागरिकों को हिंसक क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहने और अत्यधिक सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
विदेश मंत्रालय की कड़ी निगरानी और अपील
विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विदेश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है। फ्रांस, इटली और बेल्जियम स्थित भारतीय दूतावास व मिशन स्थानीय प्रशासन और भारतीय समुदाय के लगातार संपर्क में हैं।
विदेश मंत्रालय ने प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे भारतीयों के लिए सलाह जारी करते हुए कहा, “यूरोप के विभिन्न हिस्सों में रह रहे भारतीय नागरिक अत्यंत सतर्क रहें। जब भी किसी आवश्यक काम से बाहर निकलें, तो पूरी सावधानी बरतें और उन इलाकों या चौराहों से दूरी बनाकर रखें जहाँ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।” मंत्रालय ने दोहराया कि विदेशों में बसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यूरोप में सड़कों पर जनसैलाब और हिंसा का दौर
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इस जन-आक्रोश का मुख्य कारण यूरोप में तेजी से बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की चीजों के आसमान छूते दाम हैं।
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फ्रांस: यहाँ हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण बने हुए हैं। हाल ही में लिमोज शहर में उपद्रवियों ने एक ऐतिहासिक ‘टाउन हॉल’ को आग के हवाले कर दिया, जबकि कई शहरों में सार्वजनिक संपत्तियों और दुकानों में भारी तोड़फोड़ की गई। राजधानी पेरिस में हिंसा को काबू में करने के लिए प्रशासन को कई इलाकों में कर्फ्यू लगाना पड़ा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरे देश में लगभग 70,000 पुलिसकर्मियों और दंगा रोधी बलों को तैनात किया गया है।
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अन्य देश: इटली में उग्र भीड़ पर नकेल कसने के लिए नए और सख्त दंगा-रोधी कानून लागू किए गए हैं, वहीं पुर्तगाल और अल्बानिया में भी हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
भारत सरकार ने यूरोप में मौजूद सभी भारतीयों से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
