वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और इसके चलते अमेरिकी नागरिकों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह कीमत चुकाना बेहद जरूरी और अनिवार्य कदम था।
महंगाई पर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
फ्लोरिडा के एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि जब उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का निर्णय लिया था, तब उन्हें इस बात का पूरा अंदेशा था कि ऊर्जा की कीमतें बढ़ सकती हैं। आम लोगों पर पड़ रहे आर्थिक दबाव के सवाल पर उन्होंने कहा, “ईरान जैसे खतरनाक देश को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के वास्ते यह एक बहुत छोटी सी कीमत है।”
उन्होंने यह भी माना कि युद्ध के कारण तेल के अलावा कुछ खाद्य पदार्थों (जैसे बीफ) की कीमतें भी प्रभावित हुई हैं, लेकिन स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी और पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से नीचे आएंगे।
‘ईरान का परमाणु संपन्न होना दुनिया के लिए खतरा’
डोनाल्ड ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा कि ईरान दुनिया में आतंकवाद का समर्थन करने वाले सबसे प्रमुख देशों में से एक है, इसलिए उसे किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि उन्होंने समय रहते यह कड़ा कदम उठाया।
हालांकि ट्रंप ने इस युद्ध के खत्म होने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई, लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि यह संघर्ष जल्द ही किसी कूटनीतिक समझौते या अन्य तरीकों से समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना और सैन्य बलों की सक्रियता के कारण होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है, बल्कि वहां से तेल का शिपमेंट सुचारू रूप से जारी है।
