शिवा शर्मा हत्याकांड: ऐशो-आराम छोड़ जेल की सख्त बैरक में कटी श्रद्धा-रश्मि की पहली रात, करवटें बदलते बीती रात

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

लखनऊ: लखनऊ का बहुचर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड इन दिनों हर तरफ चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इन तीनों का नया ठिकाना अब गोसाईगंज स्थित जिला कारागार बन चुका है। कभी अपनी लग्जरी और हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल के लिए जानी जाने वाली दोनों बहनों के लिए जेल की सलाखों के पीछे की यह दुनिया किसी बुरे सपने से कम नहीं है। क्वारंटाइन अवधि पूरी होने के बाद जब इन्हें सामान्य बैरक में शिफ्ट किया गया, तो उनका रसूख और ठाठ-बाठ पूरी तरह गायब नजर आया।

जेल की सख्त दिनचर्या और बेचैनी से भरी रातें

जेल सूत्रों के मुताबिक, जेल में दाखिल होने के बाद शुरुआती पलों में दोनों बहनों ने खुद को सामान्य दिखाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन उनके चेहरों पर छिपा तनाव और खौफ साफ पढ़ा जा सकता था। आलीशान कमरों और मनपसंद खान-पान की आदी रहीं श्रद्धा और रश्मि के लिए जेल की पहली रात बेहद कष्टदायक रही।

रात के वक्त जेल के नियमों के मुताबिक उन्हें सामान्य भोजन (साबुत उड़द की दाल, रोटी और आलू-सोया मेथी की सब्जी) परोसा गया, जिसे उन्होंने बमुश्किल ही छुआ। पूरी रात दोनों बहनें बेचैनी में करवटें बदलती रहीं और सुबह तड़के बमुश्किल कुछ देर के लिए उनकी आँख लगी।

जेल के कड़े अनुशासन के तहत सुबह ठीक 6 बजे उन्हें जगा दिया गया। इसके बाद से ही वे आम कैदियों की तरह सुबह का नाश्ता और दोपहर-रात का सादा भोजन ले रही हैं।

अपनों की बेरुखी और बैरक में पसरा सन्नाटा

जेल पहुंचने के बाद का पूरा समय इन आरोपियों के लिए बेहद अकेलापन लेकर आया। दिनभर न तो श्रद्धा और रश्मि से मिलने कोई करीबी रिश्तेदार पहुंचा और न ही उनके चालक दानिश की सुध लेने कोई आया। अपनों की इस दूरी और बेरुखी ने दोनों बहनों के चेहरों पर मायूसी और बढ़ा दी। वे अपनी 45 महिला कैदियों वाली सामान्य बैरक में पूरे दिन गुमसुम बैठी रहीं। उन्होंने अन्य महिलाओं से बातचीत करने से परहेज किया और केवल आपस में ही धीमे स्वर में बात करती नजर आईं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और मददगारों पर शिकंजा

जिला कारागार के जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। महिला कैदियों की बैरक में श्रद्धा और रश्मि की कड़ी निगरानी महिला डिप्टी जेलर के जिम्मे है, जबकि ड्राइवर तनवीर पर पुरुष डिप्टी जेलर नजर रखे हुए हैं। सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए आगामी पेशियों के दौरान इन्हें अदालत ले जाने के बजाय वर्चुअल माध्यम से पेश किया जाएगा।

दूसरी ओर, इस सनसनीखेज हत्याकांड की आंच उन चेहरों तक भी पहुंच रही है जिन्होंने इस जुर्म के बाद आरोपियों को संरक्षण दिया था। पुलिस की तफ्तीश में यह खुलासा हुआ है कि शिवा के बिल्डिंग से नीचे गिरने के तुरंत बाद रश्मि दुबे ने आमिर नामक शख्स को फोन कर मदद के लिए बुलाया था। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में आमिर शेख, ड्राइवर तनवीर के साथ नजर आया है। पुलिस अब इन मददगारों की कुंडली खंगालने में जुटी है और जल्द ही इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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