UNGA में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का कूटनीतिक अभियान: द्विपक्षीय बैठकों से लेकर त्रिपक्षीय संवाद तक

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संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में भाग लेने न्यूयॉर्क पहुँचे भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की कूटनीतिक गतिविधियों का दौर तेज़ी से जारी है। वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण सामने रखते हुए विदेश मंत्री ने विभिन्न बहुस्तरीय (Multilateral), त्रिपक्षीय और द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लिया।

1. बहुस्तरीय और वैश्विक मंच (P4M समिट)

डॉ. जयशंकर ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ मिलकर ‘पार्टनर्स फॉर मल्टीलैटरलिज्म, इंटरनेशनल लॉ, पीस एंड प्रॉस्पेरिटी’ (P4M) शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की।

  • वैश्विक व्यवस्था पर चिंता: उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा, तनाव और युद्धों के कारण मौजूदा वैश्विक व्यवस्था दबाव में है।

  • 4-F चुनौतियाँ: विदेश मंत्री ने वैश्विक सहयोग के लिए चार प्रमुख प्राथमिकताओं— ईंधन (Fuel), भोजन (Food), उर्वरक (Fertiliser) और वित्त (Finance) पर विशेष ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

  • UN Reforms: उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद में पारदर्शिता और व्यापक भागीदारी बढ़ाने के लिए वैश्विक संस्थानों के पुनर्गठन (Reformed Multilateralism) पर जोर दिया।

2. क्षेत्रीय व बहुपक्षीय प्रारूप

  • वाइसेग्राद ग्रुप (V4 + India): जयशंकर ने पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य से बने ‘वाइसेग्राद ग्रुप’ की भारत के साथ पहली विदेश मंत्री-स्तरीय बैठक में भाग लिया। V4 देशों ने वैश्विक सुरक्षा और भारत के महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया।

  • भारत-UAE-फ्रांस त्रिपक्षीय बैठक: जयशंकर ने फ्रांस और यूएई के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक में ऊर्जा, एआई (AI) और अंतरिक्ष तकनीक में सहयोग पर चर्चा की।

3. प्रमुख द्विपक्षीय मुलाकातें (Bilateral Meetings)

विदेश मंत्री ने कई राष्ट्रों के अपने समकक्षों के साथ आमने-सामने बैठकें कीं:

  • यूक्रेन (Andrii Sybiha): यूक्रेन संकट, शांति के प्रयासों और काला सागर में नौवहन स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) व वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर बातचीत की।

  • फ्रांस (Jean-Noel Barrot): रणनीतिक साझेदारी, यूक्रेन और खाड़ी संकट पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

  • स्विट्जरलैंड (Ignazio Cassis): हालिया भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते पर प्रगति की समीक्षा की।

  • अन्य देश: नाउरू, इक्वाडोर, स्लोवाकिया, मोल्दोवा और हंगरी के विदेश मंत्रियों/नेताओं से आर्थिक, ऊर्जा और तकनीकी संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।

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