उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शंभूपुर (शंभूगंज) गांव में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। घर में चल रही पूजा-अनुष्ठान के दौरान हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। लगभग 7 घंटे चले पुलिस ऑपरेशन और एनकाउंटर के बाद आरोपी भी मारा गया।
घटना का कारण और शुरुआत
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पूजा का विरोध: आरोपी अरविंद सिंह (40) के घर उसकी पत्नी बबीता (32) और मां ने दिवंगत भाई की आत्मा की शांति व घर के संकट दूर करने के लिए पूजा रखी थी। अरविंद इस पूजा का लगातार विरोध कर रहा था।
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आधार कार्ड मांगने पर विवाद: जब अरविंद घर पहुंचा तो पूजा करा रहे पुजारियों से बहस करने लगा और उनसे ‘आधार कार्ड’ मांगने लगा। पत्नी द्वारा विरोध करने पर बात बढ़ गई और अरविंद ने गुस्से में आकर अपने लाइसेंसी असलहे से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
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3 की मौके पर मौत: गोलीबारी में उसकी पत्नी बबीता और दो पुजारी— महेंद्र पाठक (60) व अखिलेश मिश्रा (50) की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य पुजारी किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकले।
7 घंटे का पुलिस ऑपरेशन और बच्चों को बंधक बनाना
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी अरविंद ने अपने तीन बच्चों (दो बेटियों और 8 साल के बेटे शौर्य) को कमरे में बंद कर खुद को बंधक बना लिया।
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पुलिस की घेराबंदी: सूचना मिलते ही पुलिस की भारी टीम, एडीजी (वाराणसी ज़ोन), डीआईजी और एसएसपी मौके पर पहुंचे और पूरे घर को घेर लिया।
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समझाने की कोशिश: पुलिस और रिश्तेदारों ने लगभग 7 घंटे तक आरोपी को बच्चों को छोड़ने और आत्मसमर्पण करने के लिए मनाया। लेकिन वह सुबह होने तक इंतजार करने की जिद करता रहा और पुलिस पर फायरिंग करने की धमकी देता रहा।
एनकाउंटर और रेस्क्यू ऑपरेशन
रात में अचानक कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आई, जिसके बाद पुलिस ने बच्चों की जान बचाने के लिए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया:
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पुलिस की टीम ने टीयर गैस (आंसू गैस) और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल करते हुए दरवाजा तोड़ा।
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कमरे में प्रवेश करते ही अरविंद ने पुलिस पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
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आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी अरविंद घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बेटे की भी मौत, दो बेटियां सुरक्षित
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने तीनों बच्चों को बाहर निकाला। हालांकि, आरोपी द्वारा कमरे के अंदर चलाई गई गोली उसके 8 साल के बेटे शौर्य (लाखा) को लग गई थी, जिसकी इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की दोनों बेटियों (परी और सान्वी) को सुरक्षित बचा लिया है।
घटना में कुल 5 लोगों (पत्नी, 2 पुजारी, बेटा और आरोपी खुद) की मौत हुई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
