एशियाई खेलों (Asian Games) में भारत के नाम एक और नया इतिहास दर्ज हो गया है। मध्य प्रदेश के देवास के रहने वाले जय मीणा ने एशियन गेम्स में पुरुषों की एकल सॉफ्ट टेनिस प्रतियोगिता में कांस्य पदक (Bronze Medal) जीतकर इतिहास रच दिया है।
यह एशियाई खेलों के इतिहास में सॉफ्ट टेनिस खेल में भारत का पहला पदक है।
बॉल बॉय से चैंपियन बनने का अद्भुत सफर
जय मीणा के एशियन गेम्स मेडल तक पहुँचने की कहानी बेहद प्रेरणादायक है:
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क्रिकेट का सपना: बचपन में जय दूसरे बच्चों की तरह क्रिकेटर बनना चाहते थे।
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बॉल बॉय के रूप में शुरुआत: देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल में उन्होंने सॉफ्ट टेनिस का कोर्ट देखा। शुरुआत में वह केवल मैच देखने जाते थे और फिर कोर्ट पर गेंदों को उठाने और लौटाने वाले (बॉल बॉय) का काम करने लगे।
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खेल के प्रति रुचि: बॉल बॉय का काम करते-करते उनका झुकाव सॉफ्ट टेनिस की ओर बढ़ा और उन्होंने रैकेट थाम लिया। जल्द ही वह जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेलते हुए महज 14 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने लगे।
मुकाबले और सफलता का रोमांचक सफर
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क्वार्टर फाइनल की ऐतिहासिक जीत: क्वार्टर फाइनल में जय मीणा ने फिलीपींस के शेरविन नुगुइट को 4-3 से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए पदक पक्का किया।
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सेमीफाइनल मुकाबला: सेमीफाइनल में उनका मुकाबला जापान के तकुया कुरोसाका से हुआ, जहाँ उन्हें 2-4 से हार का सामना करना पड़ा और उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया।
प्रमुख उपलब्धियां
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एशियन गेम्स 2026: सॉफ्ट टेनिस में भारत के लिए ऐतिहासिक पहला पदक (कांस्य)।
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वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप (2024): आध्या तिवारी के साथ मिलकर मिक्स डबल्स में देश को पहला पदक दिलाया था।
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एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप (2025): इस प्रतियोगिता के एकल वर्ग में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने थे।
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नेशनल चैंपियन: 2022 नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल और 2025 के नेशनल चैंपियन।
