कोलकाता : भवानीपुर विधानसभा सीट पर मिली हार को ममता बनर्जी ने कानूनी लड़ाई में बदल दिया है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज दोपहर अचानक कोलकाता हाईकोर्ट पहुंचीं और चुनाव नतीजे को चुनौती दे दी। उनके साथ सांसद डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेना और कल्याण बनर्जी भी मौजूद थे। रिपोर्ट के मुताबिक ममता याचिका के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने खुद कोर्ट पहुंची थीं।
कांटे की टक्कर में हारीं ममता, शुभेंदु अधिकारी ने 15104 वोट से हराया
भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर थी। शुरुआती 16-17 राउंड तक ममता आगे चल रही थीं, लेकिन बाद में गैप घटता गया। मतगणना के आखिरी चरणों में शुभेंदु अधिकारी ने तगड़ी लीड ली और 15104 वोटों से जीत दर्ज की। इस हार के बाद ममता ने अब नतीजे को ही हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
मतगणना के दिन जमकर हुआ था हंगामा
4 मई 2026 को भवानीपुर सीट की काउंटिंग के दौरान जमकर हंगामा हुआ था। सखावत मेमोरियल स्कूल में बने मतगणना केंद्र पर दोपहर में कुछ देर के लिए गिनती रोकनी पड़ी। चुनाव आयोग के मुताबिक एक शख्स मोबाइल लेकर अंदर घुस गया था। शाम होते-होते तनाव बढ़ गया। ममता बनर्जी खुद मतगणना केंद्र पहुंच गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके एजेंटों को अंदर जाने से रोका गया, सीसीटीवी बंद कर दिए गए और केंद्रीय बलों ने TMC कार्यकर्ताओं से बदसलूकी की। ममता ने यहां तक कहा कि उन्हें भी धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा।
क्या है ममता का आरोप?
ममता बनर्जी ने काउंटिंग में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मतगणना प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी। एजेंटों को रोकना, सीसीटीवी बंद होना और केंद्रीय बलों का रवैया संदिग्ध था। अब हाईकोर्ट में दायर याचिका में उन्होंने पूरी प्रक्रिया को चुनौती दी है।
