वॉशिंगटन । अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान से दागी गईं कई बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया। सेना ने इसे मध्य पूर्व में अमेरिकी बलों पर “अचानक हमले” की कोशिश बताया। यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक्स पर लिखा, “आज शाम 5:45 बजे (ईटी) इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की सेनाओं ने ईरान से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिका सेना पर अचानक हमला करने की कोशिश थी।” उन्होंने कहा, “ईरान की सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया। साथ ही अमेरिकी सेना सतर्क है और पूरी तरह तैयार है।”
सीएनएन ने एक अमेरिका अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान ने ज्यादा से ज्यादा चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिका के इन दावों पर तेहरान की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मंगलवार को इससे पहले, सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे 18 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया, दो को निष्क्रिय कर दिया और दो अन्य पर कब्जा कर लिया, ताकि ईरान के सभी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी को लागू किया जा सके।
सेंटकॉम ने एक अलग पोस्ट में यह भी कहा, “मध्य पूर्व में सैन्य अभियानों के समर्थन में 20 से अधिक अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत काम कर रहे हैं, जिनमें ईरान के खिलाफ अमेरिका की ‘स्टील वॉल’ नाकेबंदी को सख्ती से लागू करना भी शामिल है। 28 जुलाई तक, सेंटकॉम ने 18 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला है, 2 को बेकार किया है और नियमों का पूरा पालन सुनिश्चित करने के लिए 2 पर कब्जा किया है।”
इससे पहले 26 जुलाई को सेंट्रल कमांड ने कहा था कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह से लागू है। 25 जुलाई तक सेंट्रल कमांड ने नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे 12 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला है, नियमों का पालन न करने वाले 2 जहाजों को बेकार किया है और नियमों का पूरा पालन सुनिश्चित करने के लिए 2 पर कब्जा किया है।”
ईरान की ओर से ये हमले तब हुए, जब व्हाइट हाउस में ट्रंप की मुलाकात इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हुई। 28 फरवरी को दोनों देशों के ईरान पर हमले शुरू करने के बाद यह उनकी पहली आमने-सामने की मुलाकात थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उन्होंने बातचीत को एक और मौका देने के लिए ईरान पर अमेरिकी हमलों को रोकने का फैसला किया है, साथ ही चेतावनी दी कि अगर बातचीत नाकाम रही तो वे और हमले करने का आदेश दे सकते हैं।
