10 जिलों में ₹1270 करोड़ से अधिक लागत की 15 रियल एस्टेट परियोजनाओं को यूपी रेरा की मंजूरी

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

लखनऊ / गौतमबुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने कुल ₹1,270.48 करोड़ के अनुमानित निवेश वाली 15 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। राज्य के 10 जिलों में फैली इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 3,102 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का विकास किया जाएगा, जिससे प्रदेश में संगठित रियल एस्टेट विकास और नियोजित शहरी विस्तार को और मजबूती मिलेगी।

 

इन परियोजनाओं को मंजूरी यूपी रेरा मुख्यालय में आयोजित 201वीं प्राधिकरण बैठक में दी गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा की गई और नियामकीय मानकों के अनुपालन सुनिश्चित करने के बाद परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। प्राधिकरण ने दोहराया कि समयबद्ध अनुमोदन और कड़ी निगरानी से पारदर्शिता, जवाबदेही तथा घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

 

स्वीकृत परियोजनाओं में आवासीय, व्यावसायिक तथा मिश्रित उपयोग की परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनका उद्देश्य आवास उपलब्धता बढ़ाना और व्यावसायिक अवसंरचना को मजबूत करना है। इन अनुमोदनों के माध्यम से रेरा नियोजित विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ परियोजनाओं की समय-सीमा और नियामकीय प्रावधानों के पालन को सुनिश्चित कर रहा है।

 

*दस जिलों में परियोजना अनुमोदन*

निवेश की संख्या के मामले में गौतम बुद्ध नगर अग्रणी रहा। जिले में ₹507.77 करोड़ की लागत वाली 02 आवासीय व 01 कमर्शियल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनके तहत कुल 380 आवासीय व 169 कमर्शियल इकाइयों का निर्माण होगा। इससे गौतम बुद्ध नगर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रमुख रियल एस्टेट गंतव्य के रूप में और मजबूत होगा।

 

लखनऊ में सबसे अधिक परियोजनाओं को स्वीकृति मिली। राज्य की राजधानी में ₹90.77 करोड़ लागत की कुल चार परियोजनाएँ मंजूर की गईं। इन परियोजनाओं के तहत 330 आवासीय व 348 कमर्शियल इकाइयों का विकास होगा। इससे शहर में आवासीय और व्यावसायिक ढांचे का संतुलित विकास होगा।

 

मुरादाबाद में ₹335.77 करोड़ लागत की एक व्यावसायिक परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके अंतर्गत 627 आवासीय इकाइयों का निर्माण होगा।

बदायूं में ₹72 करोड़ लागत की एक आवासीय परियोजना को स्वीकृति दी गई, जिसके तहत 226 आवासीय इकाइयाँ विकसित की जाएंगी।

 

इसी प्रकार वाराणसी में ₹36.68 करोड़ लागत की एक आवासीय परियोजना मंजूर की गई है, जिसमें 98 आवासीय इकाइयों का विकास होगा।

 

मेरठ में ₹20.25 करोड़ लागत की एक आवासीय परियोजना को स्वीकृति मिली है, जिसके अंतर्गत 76 आवासीय इकाइयाँ विकसित की जाएंगी।

 

प्रयागराज में ₹31.19 करोड़ लागत की एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 99 आवासीय आवासीय इकाइयों का निर्माण होगा।

 

मुज़फ्फरनगर में ₹12.37 करोड़ लागत की एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 127 आवासीय इकाइयों का निर्माण होगा।

 

गाजियाबाद में ₹122.18 करोड़ लागत की एक व्यावसायिक परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 330 व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण होगा।

 

इसके अतिरिक्त गोरखपुर में ₹41.50 करोड़ लागत की एक व्यावसायिक परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें 292 व्यावसायिक इकाइयाँ विकसित की जाएंगी।

 

*आर्थिक गतिविधि और रोजगार को बढ़ावा*

इन परियोजनाओं में ₹1,270.48 करोड़ से अधिक का कुल निवेश निर्माण चरण के दौरान रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगा। निर्माण सामग्री, श्रम, इंजीनियरिंग सेवाओं, परिवहन और अन्य संबंधित क्षेत्रों में मांग बढ़ने से संबंधित जिलों की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

 

*पारदर्शिता और खरीदारों का विश्वास मजबूत*

उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट निवेश का लगातार प्रवाह राज्य सरकार की सुधारोन्मुख नीतियों और यूपी रेरा की मजबूत नियामकीय निगरानी का सकारात्मक परिणाम है। सरल अनुमोदन प्रक्रिया, नियमित निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, साथ ही घर खरीदारों की सुरक्षा को भी मजबूत किया है। ये प्रयास राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही और स्थिरता को बढ़ावा दे रहे हैं।

 

*अध्यक्ष का वक्तव्य*

परियोजनाओं की मंजूरी पर टिप्पणी करते हुए यूपी रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शी और सुव्यवस्थित विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 201वीं प्राधिकरण बैठक एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और उत्तर प्रदेश में निरंतर विकास की गति को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी रेरा समयबद्ध अनुमोदन, कड़ी निगरानी और घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए राज्य में संतुलित शहरी विकास को आगे बढ़ाता रहेगा। इस बैठक में दी गई स्वीकृतियों से निवेशकों का विश्वास और मजबूत होगा तथा उत्तर प्रदेश में व्यवस्थित और नियोजित रियल एस्टेट विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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