वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति भवन (व्हाइट हाउस) ने भारत को संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे मजबूत और भरोसेमंद सहयोगियों में से एक करार दिया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत व्यक्तिगत संबंधों ने दोनों देशों के द्विपक्षीय और रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर आया बयान
व्हाइट हाउस का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जनसेवा में 25 वर्ष पूरे करने के अवसर पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सामने आया। उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी और वर्ष 2014 से वे देश के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
मतभेदों के बावजूद मजबूत रिश्ते
व्हाइट हाउस के वक्तव्य में इस बात पर जोर दिया गया कि व्यापार और कुछ अन्य नीतिगत मुद्दों पर मतभेदों के बावजूद भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी निरंतर आगे बढ़ रही है। भले ही दोनों देशों के बीच कोई औपचारिक सैन्य संधि (Mutual Defence Treaty) नहीं है, लेकिन रक्षा, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा है।
वैश्विक मंच पर बढ़ा भारत का कद
व्हाइट हाउस ने वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव की भी सराहना की। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने न केवल प्रमुख वैश्विक शक्तियों के साथ कूटनीतिक संबंधों को मजबूत किया है, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील और उभरते देशों) की मजबूत आवाज़ बनकर उभरा है।
