नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना दिवस (8 अक्टूबर) के अवसर पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने राष्ट्र को आश्वस्त किया है कि भारतीय वायुसेना आधुनिक और बदलते युद्ध परिवेश में हर प्रकार की सुरक्षा चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार और सक्षम है।
आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीक पर जोर
वायुसेना प्रमुख ने वायुसेना के आधुनिकीकरण पर बल देते हुए कहा कि सेना को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्वदेशी हथियारों, आधुनिक लड़ाकू विमानों और उन्नत संचार प्रणालियों को वायुसेना में शामिल किए जाने की प्रक्रिया को देश की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
मुख्य बिंदु:
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त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता: वायुसेना प्रमुख के अनुसार, भारतीय वायुसेना किसी भी आकस्मिक परिस्थिति या सीमावर्ती तनाव में बहुत ही कम समय में प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम है।
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भविष्य के युद्धों की तैयारी: बदलते वैश्विक युद्ध तकनीकों (जैसे ड्रोन तकनीक, साइबर युद्ध और सटीक निर्देशित हथियारों) को ध्यान में रखते हुए भारतीय वायुसेना अपने बेड़े और रणनीतियों को लगातार अपडेट कर रही है।
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सैनिकों और अधिकारियों के समर्पण को नमन: उन्होंने वायुसैनिकों के साहस, अनुशासन और देश सेवा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की और शहीद जांबाजों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
वायुसेना प्रमुख ने दोहराया कि भारतीय वायुसेना देश की संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा के लिए चौबीसों घंटे पूरी तत्परता के साथ मुस्तैद है।
