कांग्रेस-सपा में बढ़ा जुबानी जंग: इकरा हसन के बयान पर इमरान मसूद का पलटवार, बोले— ‘न करें गठबंधन, हम भीख नहीं मांग रहे’

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

नई दिल्ली / लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन के प्रमुख घटकों—कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा)—के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। कैराना से सपा सांसद इकरा हसन के उस बयान पर कि “बिना गठबंधन के कांग्रेस अकेले कुछ हासिल नहीं कर पाएगी”, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने करारा पलटवार किया है।

‘न करें गठबंधन, हम अपने काम में लगे हैं’

इमरान मसूद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस (IANS) से बातचीत में आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा:

“न करें गठबंधन, कौन कह रहा है? क्या हम किसी से भीख मांग रहे हैं? जिसको जो करना है करे। जब बारात चढ़ती है तो ढोल बजाने वाले और नाचने-गाने वाले बहुत होते हैं, उन्हें नाचने-गाने दीजिए। हम अपना काम कर रहे हैं।”

इमरान मसूद ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी के सामने हाथ फैलाने की स्थिति में नहीं है और पार्टी पूरे देश में अपने दम पर संगठन मजबूत करने में जुटी है।

विवाद की शुरुआत (इकरा हसन बनाम इमरान मसूद)

  1. इकरा हसन का बयान: सपा सांसद इकरा हसन ने कांग्रेस को चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने की क्षमता सिर्फ अखिलेश यादव में है। अगर गठबंधन नहीं होता है तो इससे सपा का नहीं बल्कि कांग्रेस का ही नुकसान होगा।

  2. इमरान का पलटवार: इसके जवाब में इमरान मसूद ने पहले इकरा को ‘भतीजी’ बताते हुए सलाह दी और अब तल्ख टिप्पणी करते हुए साफ कर दिया कि कांग्रेस गठबंधन के लिए मजबूर नहीं है।

  3. शिवपाल यादव के बयान पर प्रतिक्रिया: सपा नेता शिवपाल यादव की टिप्पणी पर मसूद ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत सोच हो सकती है, लेकिन राहुल गांधी और अखिलेश यादव ही शीर्ष स्तर पर निर्णय लेंगे।

चुनाव से पहले सीट शेयरिंग पर खिंचाव

उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे और क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर खींचतान तेज हो गई है। एक ओर जहां कांग्रेस नेता जल्द से जल्द सीट शेयरिंग तय करने का दबाव बना रहे हैं, वहीं सपा नेतृत्व यह संदेश देना चाहता है कि राज्य में विपक्षी मोर्चे का मुख्य चेहरा अखिलेश यादव ही हैं।

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