लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में तैनात सीओ सिटी अशोक सिंह का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही राज्य की राजनीति गरमा गई है। प्रदर्शनकारियों के सामने मूंछों पर ताव देते हुए कैमरे के सामने अखिलेश यादव का नाम लेना अधिकारी को भारी पड़ गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बेहद सख्त नजर आ रहे हैं और उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए अधिकारी को इशारों ही इशारों में सीधी चेतावनी दे डाली है।
क्या था पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मैनपुरी के एलाऊ थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या के बाद आक्रोशित परिजन पोस्टमार्टम हाउस के बाहर न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। स्थिति को संभालने पहुँचे सीओ सिटी अशोक सिंह की परिजनों से तीखी बहस हो गई। जब वहां मौजूद लोग इस पूरी घटना का वीडियो बनाने लगे, तो आजमगढ़ निवासी और जून 2026 में ट्रांसफर होकर आए CO अशोक सिंह आपा खो बैठे। उन्होंने अपनी मूंछों पर ताव देते हुए कहा, “बना लो वीडियो, इसे वायरल कर दो और अखिलेश यादव को भेज देना।”
अखिलेश यादव का पलटवार: ‘निलंबन नहीं मांगेंगे, बदलाव आ रहा है’
वीडियो सामने आते ही अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट शेयर कर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने लिखा:
“सिर पर सत्ता-सजातीय हाथ है,
इसीलिए इनकी मूंछों पर ताव है।
ऐसे लोगों से क्या होना इंसाफ़ है,
पर अब ये कुछ दिनों की बात है,
क्योंकि दस्तक दे रहा बदलाव है… हम निलंबन की मांग नहीं करेंगे!”
अखिलेश की चेतावनी के क्या हैं राजनीतिक मायने?
अखिलेश यादव का यह बयान केवल एक प्रशासनिक शिकायत नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। “हम निलंबन की मांग नहीं करेंगे” लिखकर उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल अस्थाई कार्रवाई के पक्ष में नहीं हैं। अखिलेश ने सीधे तौर पर 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों की ओर इशारा करते हुए संदेश दिया है कि सत्ता परिवर्तन के बाद ऐसे अधिकारियों के साथ सख्त जवाबदेही तय की जाएगी।
