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यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला: ऊर्जा ठिकानों पर दागीं मिसाइलें, 1 लाख घरों में अंधेरा
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग ने एक बार फिर विकराल रूप ले लिया है। रूस ने यूक्रेन के 10 से अधिक क्षेत्रों पर एक साथ मिसाइलों और हमलावर ड्रोनों से भीषण हमला बोला है। इस बहुआयामी हमले से कीव, द्निप्रो, चेर्निहिव और क्रिवी रीह जैसे प्रमुख यूक्रेनी शहर धमाकों से दहल उठे।
घातक हथियारों का इस्तेमाल
इस हमले में रूसी सेना ने अपनी सबसे अत्याधुनिक और घातक हथियारों का इस्तेमाल किया:
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हाइपरसोनिक मिसाइल: ‘जिरकॉन’
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सुपरसोनिक व बैलिस्टिक मिसाइलें: ‘ओनिक्स-एम’ और ‘इस्कंदर-एम’
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अन्य हथियार: कई क्रूज मिसाइलें और सैकड़ों हमलावर ड्रोन
यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली ने दावा किया है कि उन्होंने हवा में ही लगभग 186 रूसी खतरों (मिसाइलों और ड्रोनों) को मार गिराया। हालांकि, हमले का दायरा इतना बड़ा था कि कई मिसाइलें और ड्रोन अपने निशानों तक पहुँचने में कामयाब रहे।
तबाही और बिजली संकट
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ऊर्जा ढांचे पर प्रहार: रूसी हमलों का मुख्य निशाना यूक्रेन के बिजली संयंत्र और औद्योगिक बुनियादी ढांचे रहे।
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1 लाख घर अंधेरे में: चेर्निहिव (Chernihiv) क्षेत्र के बिजली संयंत्रों को पहुंचे नुकसान के कारण 1,00,000 से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।
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जान-माल का नुकसान: द्निप्रो क्षेत्र में भीषण तबाही हुई, जहाँ मिसाइल हमलों के कारण 3 से 4 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। कई कारखानों में आग लग गई, जिसे बुझाने का काम जारी है।
हमले की वजह और भावी संकट
रूस ने इस बड़े हमले को मास्को के पास यूक्रेनी ड्रोनों द्वारा किए गए हालिया हमलों का करारा जवाब बताया है।
सर्दियों का मौसम दस्तक दे रहा है, ऐसे में यूक्रेन के ऊर्जा तंत्र (Power Grid) पर रूस के ये लगातार हमले आम नागरिकों के लिए गंभीर मानवीय और बिजली संकट खड़ा कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इन हमलों पर चिंता व्यक्त की है।
