वैश्विक मंच पर पीएम मोदी का डंका: यूपीआई ने रचा इतिहास, दुनिया के 50% रियल-टाइम ट्रांजैक्शन अब भारत के नाम

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नई दिल्ली: भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और तकनीकी क्रांति का परचम अब पूरी दुनिया में लहरा रहा है। भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बदलते भारत की एक अभूतपूर्व तस्वीर पेश की। पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया के कुल रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन में से 50 प्रतिशत अकेले भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए हो रहे हैं। यह भारत के फाइनेंशियल इंक्लूजन और डिजिटल इनोवेशन की सबसे बड़ी मिसाल है।

ब्रिक्स के 20 वर्षों के शानदार सफर का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चार देशों से शुरू हुआ यह समूह आज 21 देशों का एक मजबूत परिवार बन चुका है। वर्तमान में ब्रिक्स देश विश्व की 40% जीडीपी और 25% से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। पीएम मोदी ने आंकड़ों के हवाले से बताया कि पिछले दो दशकों में जहां ग्लोबल जीडीपी ढाई गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी में साढ़े चार गुना का बंपर उछाल आया है।

भारत की इनोवेशन स्टोरी पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज देश एआई, ग्रीन हाइड्रोजन, डिफेंस और स्पेस जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। भारत अब केवल तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि ग्लोबल सॉल्यूशंस का प्रमुख हब बन चुका है। जहां एक ओर विश्व में ट्रेड बैरियर्स बढ़ रहे हैं, वहीं भारत लगातार इकोनॉमिक ब्रिजेज बना रहा है।सरकारी एजेंसियां

इस ऐतिहासिक मंच पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी पश्चिमी प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए रूस की 10.3% आर्थिक वृद्धि का दावा किया और एक नए इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव रखा। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सप्लाई चेन के जोखिमों को कम करने के लिए राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार करने पर जोर दिया। यह समिट इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा अब ब्रिक्स देश ही तय करेंगे।

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