नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वैश्विक व्यापार और दोनों देशों के द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के हित में भारत और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार समझौते (Trade Agreement) को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाना चाहिए।
वैश्विक व्यापार और आर्थिक हितों पर जोर
वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी से वैश्विक व्यापार को एक सकारात्मक दिशा मिलेगी। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आ रही बाधाओं और चुनौतियों पर भी चर्चा की, जिसमें चीन की गैर-शुल्क बाधाओं (Non-tariff barriers) का मुद्दा भी शामिल रहा।
बातचीत में प्रगति और उम्मीदें
इससे पहले चर्चाओं के दौरान यह बात सामने आई थी कि भारत और अमेरिका इस व्यापार समझौते को एक तार्किक निष्कर्ष के बेहद करीब ले आए हैं। वित्त मंत्री के इस ताज़ा बयान से यह स्पष्ट है कि भारत दोनों देशों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी और मजबूत आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
