जालौन : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही एक बार फिर चर्चा में हैं। 25 जुलाई को उरई तहसील के नए भवन का मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किया गया था। इसके बाद चेंबर आवंटित न होने से नाराज एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही भीषण गर्मी में फाइलों और सामान के साथ तहसील के बाहर घंटों खड़े रहे।
क्या हुआ थाभौगोलिक संदर्भ
कलेक्ट्रेट से नवीन तहसील में दफ्तर ट्रांसफर होने के बाद भी रिंकू सिंह राही को बैठने के लिए चेंबर नहीं मिला। इससे नाराज होकर दोपहर करीब 3 बजे वह अपना सारा सरकारी सामान, कोर्ट की फाइलें, अलमारियां और जरूरी दस्तावेज लोडर में लादकर नई तहसील पहुंच गए।
वहां चेंबर खाली न मिलने पर उन्होंने साफ कहा कि जब तक चेंबर आवंटित नहीं होगा, वह रात में भी तहसील परिसर के बाहर ही रुकेंगे। घंटों तक वह लोडर के साथ परिसर के बाहर खड़े रहे।
ADM के आदेश पर लौटे पुराने दफ्तर
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी कार्यालय से तुरंत आदेश जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि एसडीएम न्यायिक का कामकाज फिलहाल कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पुराने दफ्तर से ही संचालित होगा। आदेश मिलते ही रिंकू सिंह राही ने अपना सामान दोबारा लोडर में लदवाया और कलेक्ट्रेट वापस लौट गए।
इस पूरी घटना को लेकर प्रशासनिक अमले और आम जनता में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
पहले भी रहे हैं सुर्खियों में
2023 बैच के IAS रिंकू सिंह राही इससे पहले भी विवादों में रहे हैं। उन्होंने यूपी के नियुक्ति विभाग को 5 पेज का पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने कहा था कि एसडीएम न्यायिक के पद पर दिनभर में सिर्फ 4 घंटे काम रहता है, इसलिए उन्हें आधी तनख्वाह ही दी जाए। साथ ही उन्होंने जालौन की अन्य तहसील, किसी अन्य जिले या यूपी के बाहर ट्रांसफर की मांग भी की थी।
पत्र में उन्होंने एक कैबिनेट मंत्री और विधायक का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप था कि विधायक के सामने डीएम ने अवैध कब्जों पर कार्रवाई न करने के आदेश दिए। साथ ही मंत्री के करीबी के कोल्ड स्टोरेज पर जांच करने के बाद षड्यंत्र कर उनका ट्रांसफर एसडीएम जालौन से एसडीएम न्यायिक कर दिया गया।
अब एक बार फिर चेंबर विवाद से IAS राही सुर्खियों में आ गए हैं।
