डिजिटल इंडिया ने भारत को दुनिया की सबसे मजबूत डिजिटल सार्वजनिक संरचना के रूप में विकसित किया

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड (IEML) द्वारा आयोजित दो दिवसीय मनी अल्फा 360° समिट’ का शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री नन्दी ने कहा कि एक समय था जब वित्त केवल कागज़ों से चलता था। लेन-देन का मतलब था लंबी लाइन, धीमी कार्यशैली, और लम्बी प्रतीक्षा। बैंकिंग पूरी तरह फिजिकल थी, पूंजी सीमित थी और अवसर भी केवल कुछ ही लोगों तक सीमित थे।

लेकिन आज हम एक बिल्कुल अलग दौर में खड़े हैं- जहाँ वित्त का आवागमन तेज़ और समावेशी हो चुका है। फिजकल अनिवार्यता लगभग समाप्त हो गयी है।

आज भारत की आर्थिक विकास यात्रा एक नकद आधारित अर्थव्यवस्था से डिजिटल वित्तीय शक्ति बनने तक बेहद अभूतपूर्व रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाहन डिजिटल इंडिया ने भारत को दुनिया की सबसे मजबूत डिजिटल सार्वजनिक संरचना के रूप में विकसित किया है।

मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन का ही परिणाम है कि आज भारत विश्व का लगभग 49% रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन यूपीआई के माध्यम से कर रहा है।
यह हमारी बढ़ती क्षमता, कार्यकुशलता और विश्वास का प्रमाण है। यह केवल सुविधा की बात नहीं है- यह आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वव्यापी बनाने की बात है।

वित्त की पुरानी धीमी कार्यशैली को पीछे छोड़कर आज हम AI, ब्लॉक-चेन और फिनटेक के माध्यम से एक पारदर्शी और समावेशी इकोसिस्टम की ओर बढ़ चुके हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में यह समिट नवाचार और निवेश को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है।

मंत्री नन्दी ने कहा कि आज एक सब्जी के ठेले और चाय वाला भी QR कोड से भुगतान स्वीकार कर रहा है। वहीं दूसरी ओर बड़े निवेशक आसानी से वैश्विक स्तर पर पूंजी का आदान प्रदान कर पा रहे हैं। डिजिटल वित्त ने अवसरों को पहले से कहीं अधिक सरल बना दिया है।

मंत्री नन्दी ने कहा कि डिजिटल भुगतान इकोनॉमिकल इकोसिस्टम का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। यह एक बड़े और ऐतिहासिक परिवर्तन का संकेत है।

इस दौर में तकनीक ने केवल वित्त की गति को तेज नहीं किया है, बल्कि उसकी सीमाओं को भी विस्तारित किया है।

आज बदलाव की गति किसी का इंतज़ार नहीं करती, यह केवल उन्हें आगे बढ़ाती है जो तेजी से अनुकूलन करते हैं। यही कारण है कि मनी एल्फा 360 डिग्री जैसे प्लेटफॉर्म अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य आवश्यकता बन चुके हैं।

इस अवसर पर IEML के चेयरमैन राकेश कुमार, सीए चरनजोत सिंह नंदा, यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह, IEML स्ट्रेटजिक एडवाइजर बोर्ड के डायरेक्टर मुकेश गुप्ता एवं नोएडा ऑथोरिटी की एसीईओ श्रीमती वंदना त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।

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