भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ (Cyclone Arnab) आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के करीब पहुँचने के दौरान काफी धीमा पड़ गया और लैंडफॉल की प्रक्रिया लंबे समय तक जारी रही। इस वजह से आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिला है।
मुख्य बातें:
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धीमी रफ्तार और लंबा लैंडफॉल: मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि चक्रवात अर्णव तट से टकराने से पहले समुद्र में लगभग स्थिर (Nearly Stationary) हो गया था। तट के पास इसकी धीमी गति के कारण लैंडफॉल की प्रक्रिया 2 से 3 घंटे से भी अधिक समय तक खिंच गई, जिससे तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं और भारी बारिश का प्रभाव बढ़ गया।
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तेज हवाएं और भारी बारिश: तट से टकराने के दौरान चक्रवात के प्रभाव से 115 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जो बढ़कर 140 से 150 किमी प्रति घंटे तक पहुँच गईं। विशाखापट्टनम, काकीनाडा, यनम, बापटला और नरसपुर समेत कई तटीय इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज ज्वार की तरंगें उठीं।
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उखाड़े पेड़, जनजीवन प्रभावित: तूफानी हवाओं के कारण कई इलाकों में बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। इसके कारण विशाखापट्टनम और आसपास के क्षेत्रों में हवाई उड़ानों और ट्रेन सेवाओं पर असर पड़ा, तथा सड़क यातायात बाधित हुआ।
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प्रशासन अलर्ट पर और राहत कार्य जारी: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। तटीय जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को राहत और बचाव कार्य के लिए तैनात किया गया है।
