उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर एक अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूचियों से अपात्र और फर्जी नामों को हटाना देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आगे आने की खास अपील की है।
खबर के मुख्य बिंदु:
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देश की सुरक्षा और अखंडता से जुड़ा मुद्दा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धीकरण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर विषय है। सूची में से फर्जी और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाना देश के हित में अनिवार्य है।
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युवाओं से विशेष अपील: मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं, विशेषकर नए और पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी युवा अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराएं और अपने मताधिकार का प्रयोग कर देश के लोकतंत्र को सशक्त बनाएं।
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विपक्ष के आरोपों पर पलटवार: चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे SIR (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) अभियान को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों और मुख्य चुनाव आयुक्त पर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच सत्तापक्ष और सीएम योगी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है और निष्पक्ष प्रक्रिया का समर्थन किया है।
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पारदर्शी व्यवस्था की वकालत: सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि एक स्वस्थ और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया के लिए यह जरूरी है कि मतदाता सूची में केवल वही नाम शामिल हों जो वास्तव में कानूनन पात्र हैं। इससे ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना मजबूत होगी।
