इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध-प्रदर्शन का खुला समर्थन किया है। उन्होंने इस छात्र आंदोलन को निडरता, साहस और जागरूकता का प्रतीक बताते हुए इसकी तुलना ऐतिहासिक ‘अरब स्प्रिंग’ आंदोलन से की है। एक विशेष बातचीत के दौरान पित्रोदा ने कहा कि भले ही युवाओं से प्रक्रिया के दौरान कुछ गलतियां हुई हों, लेकिन अपनी आवाज बुलंद करने के लिए उनकी सराहना की जानी चाहिए।
युवाओं के गुस्से ने खड़े किए नए अवसर
CJP के विरोध प्रदर्शनों के दौरान भाषा और तेवरों पर हुई तीखी बहसों के सवाल पर सैम पित्रोदा ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों के तेवर कड़े जरूर थे और उन्होंने आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया, लेकिन उनके उस भीतर के गुस्से ने समाज में चर्चा के नए अवसर भी खोल दिए हैं। उन्होंने कहा, “आप उनके आक्रोश को देख सकते थे, और इसी गुस्से ने वास्तव में कई नई संभावनाओं को जन्म दिया है।”
‘युवाओं में उम्मीद नजर आती है’
युवाओं की तारीफ करते हुए पित्रोदा ने कहा कि आज का युवा वर्ग बेहद समझदार और जागरूक है। उन्होंने कहा, “वे गलतियां कर सकते हैं, और यह बिल्कुल ठीक है। हमें अपने युवाओं पर गर्व होना चाहिए। जब मैं उन्हें देखता हूं, तो मुझे एक उम्मीद नजर आती है। सबसे अहम बात यह है कि वे अपने अंदर के डर को दूर कर पाए हैं और उन्होंने आगे आकर हिम्मत दिखाई है।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आंदोलनों से समाज के उन वर्गों—जैसे दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों—को भी एक नई ऊर्जा मिली है जो खुद को अक्सर व्यवस्था से कटा हुआ महसूस करते थे।
ध्रुव राठी के समर्थन में कही यह बात
प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी के बारे में बात करते हुए सैम पित्रोदा ने उन्हें एक होनहार और साहसी युवा बताया। उन्होंने कहा कि एक भारतीय नागरिक के तौर पर उन्हें अपने विचार रखने और विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने का पूरा अधिकार है। पित्रोदा ने उनके साहस की सराहना करते हुए कहा कि समाज को ऐसे ही मुखर और साहसी लोगों की जरूरत है।
