नई दिल्ली : इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को लेकर बेहद सख्त बयान दिया है। हिब्रू चैनल 14 को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इजरायल ईरान के खिलाफ तीसरी बार भी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने दो टूक कहा, “जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।” नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल पहले भी दो बार ईरान में घुसकर कार्रवाई कर चुका है। यह बयान ऐसे समय आया है जब लेबनान-इजरायल के बीच सीजफायर हो चुका है।
‘जरूरत पड़ी तो तीसरी बार भी घुसेंगे’: नेतन्याहू की खुली चेतावनी
नेतन्याहू ने कहा, “हमने खुद को विनाश से बचाने के लिए दो बार ईरान में प्रवेश किया। अगर जरूरत पड़ी तो तीसरी बार भी करेंगे।” उन्होंने साफ किया कि ईरान के प्रॉक्सी गुटों के खिलाफ इजरायल का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है।
नेतन्याहू ने दावा किया कि पिछले तीन सालों में इजरायल ने बड़ी सैन्य सफलताएं हासिल की हैं, लेकिन अभी और काम बाकी है। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई खत्म नहीं हुई है। मौजूदा वक्त में इजरायल पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है। हमें ईरानी धुरी के बाकी हिस्सों से भी निपटना है।”
दक्षिणी लेबनान से नहीं हटेगी सेना, हिजबुल्लाह पर सख्ती
लेबनान के मुद्दे पर भी नेतन्याहू ने सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना तब तक तैनात रहेगी, जब तक ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह से खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता।
सैनिकों से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा, “हमारा रुख साफ है। जब तक हथियारबंद हिजबुल्लाह हमें धमकी देता रहेगा, हम दक्षिणी लेबनान नहीं छोड़ेंगे।” कुछ दिन पहले ही लेबनान और इजरायल ने अमेरिका की मध्यस्थता में एक ढांचा समझौता किया है, जिसका मकसद हिजबुल्लाह को निरस्त्र करना बताया जा रहा है।
गाजा पर सधा हुआ जवाब: ‘पहले कार्रवाई, फिर बात’
गाजा में फिर से इजरायली बस्तियां बसाने की संभावना पर नेतन्याहू ने सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, “कई बार पहले कार्रवाई करनी होती है और बाद में उस पर बात करनी होती है। मैं इस विषय पर फिलहाल ज्यादा टिप्पणी नहीं करूंगा।”
नेतन्याहू ने कहा कि राज्य संचालन केवल घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं होता और हर बात दुनिया को हर समय बताना जरूरी नहीं है।
