जनपद लखनऊ में ‘जनगणना-2027’ की तैयारियों को सुव्यवस्थित, प्रभावी एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री विशाख जी0 की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत दिनांक 07 मई से 21 मई 2026 तक संचालित होने वाली स्वगणना (Self Enumeration) की तैयारियों, कार्ययोजना एवं क्रियान्वयन से जुड़े समस्त प्रशासनिक एवं तकनीकी बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री अजय जैन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री राकेश सिंह सहित जनगणना निदेशालय की ओर से डॉ. गौरव पाण्डेय (उप निदेशक), श्रीमती उपासना गिरी (सहायक निदेशक), श्री रमेश कुमार पाण्डेय (सांख्यिकीय अन्वेषक) तथा श्री अनिल सिंह उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने स्वगणना अभियान को सफल बनाने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा जनगणना के प्रति व्यापक जनजागरूकता उत्पन्न करना है। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि उनके अधीनस्थ समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी अनिवार्य रूप से स्वगणना में प्रतिभाग करें। इसके लिए प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नामित किए जाएं, जो कर्मचारियों को स्वगणना की प्रक्रिया से अवगत कराते हुए समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करेंगे।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा नगर निगम को निर्देशित किया गया कि जनपद के सभी 110 वार्डों के पार्षदों का चरणबद्ध प्रशिक्षण आयोजित किया जाए। प्रशिक्षण में स्वगणना की प्रक्रिया, पोर्टल/एप का उपयोग, डेटा सुरक्षा एवं नागरिकों को मार्गदर्शन देने की विधियों की जानकारी दी जाए, ताकि पार्षदों की उपस्थिति में अपने-अपने वार्डों में जनजागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
जिलाधिकारी द्वारा शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि समस्त विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जाए। विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को स्वगणना के महत्व एवं प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जाए। इसके लिए विशेष कार्यशालाएं, गोष्ठियां एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे युवा वर्ग इस अभियान का सक्रिय भागीदार बन सके।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सरकारी कॉलोनियों, आवासीय परिसरों एवं हाउसिंग सोसाइटीज़ में विशेष अभियान चलाया जाए। इन क्षेत्रों के लिए विशेष टीमों का गठन कर घर-घर संपर्क स्थापित किया जाए एवं स्वगणना की प्रक्रिया में तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।
जनजागरूकता के व्यापक प्रसार हेतु जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नगर निगम की एलईडी स्क्रीन, आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के पीए सिस्टम, प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों एवं बाजारों में स्वगणना से संबंधित जागरूकता वीडियो एवं संदेशों का नियमित प्रसारण किया जाए। साथ ही मल्टीप्लेक्स एवं सिनेमा हॉल में फिल्म प्रदर्शन से पूर्व जागरूकता संदेश दिखाए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि समाज के गणमान्य व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इनके माध्यम से आमजन को प्रेरित कर स्वगणना में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि पीएसयू, आईएमए, आईआईए, व्यापारिक संगठनों, आरडब्ल्यूए, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा अन्य संगठनों के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन कार्यक्रमों में जिला स्तरीय अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए, जिससे संदेश अधिक प्रभावी रूप से जनसामान्य तक पहुंच सके।
जिलाधिकारी ने अभियान के प्रचार-प्रसार हेतु जनसंचार माध्यमों, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, पोस्टर, पंपलेट एवं बैनरों का व्यापक उपयोग किए जाने के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता एवं प्रगति की सतत निगरानी हेतु जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में समस्त उपजिलाधिकारी एवं नगर निगम क्षेत्र में समस्त अपर जिलाधिकारी तथा अपर नगर आयुक्त द्वारा प्रतिदिन निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षण की गुणवत्ता, प्रतिभागियों की उपस्थिति एवं तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना-2027 के इस महत्वपूर्ण कार्य को शासन की मंशा के अनुरूप पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता एवं समन्वय के साथ संपन्न कराया जाए।
