केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत दौरे पर आए लिकटेंस्टीन के युवराज (हेरिडिटरी प्रिंस) एलोइस से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की है। इस बैठक में मुख्य रूप से भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच हुए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के तहत सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
मुख्य बातें:
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निवेश और व्यापार के नए अवसरों पर चर्चा: मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत में निवेश तथा व्यापार के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने भारत में कारोबारी माहौल को अधिक निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के सुधारों को भी रेखांकित किया।
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100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता: भारत और ईएफटीए (जिसमें लिकटेंस्टीन, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे और आइसलैंड शामिल हैं) के बीच व्यापार समझौता लागू है। इस समझौते के तहत ईएफटीए देशों द्वारा भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है, जिससे देश में लगभग 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
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विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावना: इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी लिकटेंस्टीन के युवराज एलोइस और हेरिडिटरी प्रिंसेस सोफी के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्नत इंजीनियरिंग, अवसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) और नवाचार (इनोवेशन) जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और आगे बढ़ाने पर सहमति जताई गई थी।
