उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता (ब्राह्मणी टोला) इलाके में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड (Triple Murder) के मामले में योगी आदित्यनाथ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, साथ ही प्रशासन ने आरोपियों के अवैध निर्माण और कब्जों पर बुलडोजर भी चला दिया है।
प्रमुख बिंदु:
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क्या था पूरा मामला: सआदतगंज इलाके में कार पार्किंग और चबूतरे के निर्माण को लेकर हुए विवाद के बाद ताबड़तोड़ गोलीबारी हुई थी। इस खूनी संघर्ष में एक ही परिवार के तीन लोगों (शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल फैल गया था।
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प्रशासन का बुलडोजर एक्शन: मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों के गुस्से व न्याय की मांग के बीच लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सख्त कार्रवाई की। प्रशासन की टीम ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ल और उसके परिजनों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने नजूल भूमि और सरकारी रास्ते की जमीन पर कब्जा करके लगभग 100-150 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल (चहारदीवारी) बना रखी थी, जिसे जेसीबी मशीनों से ध्वस्त कर दिया गया। इसके अलावा, बिना स्वीकृत मानचित्र के बने मकान को भी सील कर दिया गया है।
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6 गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ल (29) को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जिसके पास से घटना में प्रयुक्त पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों पर शिकंजा कसते हुए कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी फरार आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है।
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कार्रवाई के दौरान समर्थन में नारे: कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। देर रात जब बुलडोजर अवैध निर्माण पर चला, तो मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में जोरदार नारे लगाए।
इस कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने और इस तरह के जघन्य अपराध करने वालों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कदम उठा रही है।
