तेहरान: कतर और फ्रांस के बीच हुई हालिया उच्चस्तरीय चर्चा में ‘ईरान संघर्ष’ शब्द के इस्तेमाल पर ईरान ने कड़ी आपत्ति जताई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने दो टूक शब्दों में कहा है कि ‘ईरान संघर्ष’ जैसी कोई वास्तविकता नहीं है, बल्कि यह अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़ा गया एक गैरकानूनी और आक्रामक युद्ध है।
सच्चाई छिपाने के लिए भ्रामक शब्दों का इस्तेमाल न करें
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कतर और फ्रांस के बीच हुई राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चा से जुड़ी पोस्ट को साझा करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि सच्चाई को भ्रामक और घुमा-फिराकर कहे गए शब्दों के पीछे नहीं छिपाया जाना चाहिए।
बाघेई ने कहा कि आक्रमण को उसके असली नाम से न पुकारना तटस्थता नहीं, बल्कि अपनी नैतिक जिम्मेदारी से भागने की कोशिश है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर हमारे पास इतना साहस भी नहीं है कि हम हमलावर की पहचान करें और आक्रमण को स्पष्ट रूप से आक्रमण कहें, तो हम शांति स्थापित करने में योगदान देने का नैतिक दावा कैसे कर सकते हैं?”
शांति के लिए सच्चाई और न्याय जरूरी
बाघेई ने स्पष्ट किया कि शांति कभी भी हमलावरों को खुश करके, आक्रमण को वैध ठहराकर या पीड़ित पक्ष को दोषी मानकर स्थापित नहीं की जा सकती। सच्ची और टिकाऊ शांति तभी संभव है जब वास्तविक तथ्यों को स्वीकार किया जाए, न्याय का सम्मान किया जाए और सही-गलत के बीच स्पष्ट अंतर किया जाए।
विवाद की पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि कतर और फ्रांस ने हाल ही में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया था, जिसमें दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को दोहराया था। इस चर्चा के दौरान खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा, ‘ईरान संघर्ष’, होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता और मध्य पूर्व की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात हुई थी। इसी चर्चा में ‘ईरान संघर्ष’ शब्दावली के प्रयोग पर ईरान ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
