नई दिल्ली/गोवा: भारतीय सिनेमा के बहुमुखी एवं दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में गोवा स्थित उनके निवास स्थान पर निधन हो गया। सुबह तड़के सीने में तेज दर्द के बाद डॉक्टरों ने उनके आवास पर ही लगभग 45 मिनट तक कार्डियक मसाज (CPR) देकर उन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास किया, जिसके बाद उन्हें तुरंत मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ सुबह 5:20 बजे उनका निधन हो गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिग्गजों ने जताया शोक
नाना पाटेकर के अचानक चले जाने से पूरे देश, बॉलीवुड और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर एक असाधारण कलाकार थे, जिन्होंने अपने बेमिसाल अभिनय और जीवंत किरदारों के ज़रिए पीढ़ी-दर-पीढ़ी दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है।
प्रधानमंत्री के अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नितिन गडकरी समेत कई शीर्ष नेताओं और सिनेमा जगत की हस्तियों ने भी उन्हें याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
अभिनय और समाज सेवा में अतुलनीय योगदान
‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘परिंदा’, ‘वेलकम’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी यादगार फिल्मों से अपनी खास पहचान बनाने वाले नाना पाटेकर न सिर्फ एक महान अभिनेता थे, बल्कि एक बेहद संवेदनशील इंसान भी थे। उन्होंने वर्ष 2015 में ‘नाम फाउंडेशन’ (NAAM Foundation) की स्थापना की थी, जिसके ज़रिए वे महाराष्ट्र और देश के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पीड़ित किसानों व उनके परिवारों की आर्थिक और सामाजिक मदद करते रहे।
नाना पाटेकर के निधन से भारतीय कला जगत ने एक ऐसा सितारा खो दिया है, जिसकी भरपाई होना असंभव है।
