रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध एक बार फिर बेहद भयावह मोड़ पर पहुंच गया है। रूसी सेना ने यूक्रेन पर व्यापक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिससे देश के करीब 12 क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस भीषण हमले में 4 बच्चों सहित कम से कम 19 लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
चेर्निहीव में सबसे ज्यादा तबाही
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में सबसे ज्यादा नुकसान यूक्रेन के चेर्निहीव (Chernihiv) इलाके में देखने को मिला। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के जन्मदिन के आसपास हुए इस भारी हमले से रिहाइशी इलाकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। यूक्रेन का कहना है कि पर्याप्त एयर डिफेंस सिस्टम की कमी और रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों की तेज रफ्तार के कारण इन हमलों को रोकना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
रूस का दावा: केवल सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
दूसरी तरफ, रूसी रक्षा मंत्रालय ने नागरिकों पर हमले के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि उनकी सेना ने केवल यूक्रेन के मिसाइल व ड्रोन निर्माण स्थलों, सैन्य डिपो और ओडेसा बंदरगाह पर खड़े सैन्य मालवाहक जहाजों को ही अपना निशाना बनाया है।
यूक्रेन का पलटवार: रूसी तेल टैंकर पर हमला
इस हमले के जवाब में यूक्रेन ने भी जोरदार पलटवार किया है। यूक्रेनी सेना ने रूसी ठिकानों और नोवोरोसिस्क से भारत की ओर तेल ले जा रहे एक रूसी तेल टैंकर पर समुद्री ड्रोन (Naval Drone) से हमला किया।
यूक्रेन की इस जवाबी कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष अब केवल सीमा तक सीमित न रहकर एक-दूसरे की ऊर्जा और आर्थिक आपूर्ति श्रृंखलाओं को सीधे निशाना बना रहा है।
