नई दिल्ली: पंजाब में नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान पर तीखा पलटवार किया है। केजरीवाल ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत पंजाब से करने के बजाय गुजरात के मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) से होनी चाहिए।
केजरीवाल का सोशल मीडिया पर हमला: अरविंद केजरीवाल ने नितिन नवीन के बयान का जवाब देते हुए लिखा, “नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत पंजाब से नहीं, मुंद्रा पोर्ट से होनी चाहिए। अगर आपको पंजाब की रत्ती भर भी चिंता है, तो गुजरात से आने वाले नशे को रोकिए।”
बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’: दरअसल, बीजेपी पंजाब में 18 से 30 सितंबर के बीच ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ निकाल रही है। लगभग 4,000 किलोमीटर का सफर तय करने वाली यह यात्रा राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों से गुजरेगी। यात्रा का शुभारंभ करते हुए बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा था कि वे पीएम नरेंद्र मोदी का संदेश लेकर आए हैं कि नशे के खिलाफ लड़ाई पंजाब की धरती से शुरू होनी चाहिए।
गुजरात पोर्ट का मुद्दा: आम आदमी पार्टी लगातार गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से भारी मात्रा में जब्त होने वाले नशीले पदार्थों का मुद्दा उठा रही है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी सवाल उठाया था कि बंदरगाहों के जरिए देश में प्रवेश करने वाले ड्रग्स पर बीजेपी नीत केंद्र सरकार रोक क्यों नहीं लगा पा रही है।
2027 चुनाव से पहले गर्माई राजनीति: पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले नशे का मुद्दा मुख्य सियासी केंद्र बन गया है। जहां बीजेपी पंजाब की भगवंत मान सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगा रही है, वहीं आप इसे अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तथा केंद्र के नियंत्रण वाले पोर्ट्स की लापरवाही बता रही है।
