आज दिनांक 10 अगस्त 2026, दिन सोमवार को निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल “निषाद पार्टी” द्वारा जनपद अयोध्या के सर्किट हाउस सभागार में निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मा० राष्ट्रीय अध्यक्ष—निषाद पार्टी एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद जी उपस्थित हुए। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. संजय कुमार निषाद जी ने कहा कि आज मा० पूर्व सांसद बहन वीरांगना फूलन देवी जी की जयंती है। निषाद पार्टी बहन वीरांगना फूलन देवी जी के आदर्शों पर चलने वाली पार्टी है। हम चाहते हैं कि बहन फूलन देवी जी की हत्या की सीबीआई जांच होनी चाहिए, ताकि उनकी हत्या से जुड़ी सच्चाई जनता के सामने आ सके। श्री निषाद जी ने कहा कि *निषाद पार्टी प्रत्येक निषाद बाहुल्य जनपद में समीक्षा बैठक आयोजित कर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रही है।* निषाद बाहुल्य बूथों पर निषाद पार्टी के बूथ एजेंट बैठें, इसके लिए भी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि *निषाद समाज अपनी प्राथमिकताओं को भली-भांति जानता है।* निषाद पार्टी आज प्रदेश सरकार के साथ साढ़े चार वर्षों से गठबंधन में है, लेकिन कुछ लोग हमसे 10 वर्षों का हिसाब मांगते हैं। मैं आज उन लोगों को स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि जो लोग हमसे हिसाब मांग रहे हैं, उन्हें पहले अपना इतिहास और भूगोल जान लेना चाहिए। निषाद पार्टी का गठन वर्ष 2016 में हुआ था। इसके बाद वर्ष *2017 के विधानसभा चुनाव* में निषाद पार्टी ने अपने दम पर प्रदेश में चुनाव लड़ा। वर्ष *2018 में मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा गोरखपुर संसदीय सीट से इस्तीफा देने के बाद,* समाजवादी पार्टी और निषाद पार्टी के गठबंधन के तहत गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव लड़ा गया और जीता गया। गोरखपुर में पहली बार समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी विजयी हुआ था। वर्ष *2019 के लोकसभा चुनाव* में निषाद पार्टी भारतीय जनता पार्टी के साथ आई और लोकसभा संतकबीरनगर से अपने प्रत्याशी की जीत दर्ज करवाई और वर्ष *2022 में प्रदेश की सरकार में गठबंधन के माध्यम से शामिल हुई।* डॉ. निषाद ने कहा कि आज हमसे हिसाब मांगने वाले पहले यह बताएं कि जो लोग *70 वर्षों से अलग-अलग सरकारों में सत्ता का हिस्सा रहे हैं,* कभी समाजवादी पार्टी में मंत्री और विधायक रहे, कभी बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस में रहे और कभी भारतीय जनता पार्टी के साथ रहे—उन्होंने निषाद समाज के अधिकारों और मांगों को लेकर आवाज क्यों नहीं उठाई? उन्होंने कहा कि *आज भी संसद से लेकर सड़क तक निषाद समाज की मांगों को मजबूती से उठाने का काम निषाद पार्टी ही कर रही है।* केंद्र और राज्य सरकार के साथ हमारा गठबंधन जरूर है, लेकिन हम निषाद समाज की पैरवी पूरी मजबूती से कर सकते हैं। आरक्षण देना या न देना केंद्र एवं राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है। उन्होंने कहा कि *निषाद पार्टी आज भी निषाद समाज के आरक्षण की अपनी मांग पर मजबूती से कायम है।* हम भाजपा के साथ गठबंधन में हैं और अपनी मांग को लगातार सरकार के समक्ष रखते रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि *निषाद समाज को आरक्षण दे दो, बेशक हमारा मंत्री पद ले लो।* निषाद पार्टी कभी भी सत्ता और कुर्सी की भूखी नहीं रही है हम अपने आदर्शों एवं विचारधारा पर चलने वाली पार्टी में से हैं। निषाद समाज के मुद्दे को लेकर हम भाजपा के साथ गठबंधन में आए थे और आज भी अपने मुद्दों की पैरवी एक दमदार वकील के तौर पर कैबिनेट में करते हैं। जारीकर्ता राजीव यादव जनसंपर्क अधिकारीमा० मंत्री (मत्स्य विभाग)
