नई दिल्ली: संसद के मकर द्वार पर शुक्रवार को हुआ एक ‘राजनीतिक नाटक’ अब सांसद पप्पू यादव के लिए गले की फांस बनता नजर आ रहा है। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी के रूप में धरने पर बैठ गए। हालांकि, विपक्ष का यह सांकेतिक विरोध प्रदर्शन अब बड़े कानूनी और धार्मिक विवाद में बदल चुका है।
दान पात्र पर बवाल, पुलिस तक पहुंचा मामला इस पूरे वाकये को लेकर दिल्ली के जनकपुरी थाने में पप्पू यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का गंभीर आरोप है कि जूते पहनकर दान पात्र में पैसे डालने और छीनने का नाटक करके सनातन धर्म, संत समाज और श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई गई है। इस शिकायत में पप्पू यादव के साथ-साथ संसद परिसर में मौजूद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा सांसद डिंपल यादव और रुचि वीरा समेत कई अन्य विपक्षी नेताओं का नाम भी शामिल कर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। दिल्ली पुलिस (DCP) ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है।
लखनऊ में पुतला दहन, ‘सनातन’ के अपमान का आरोप इस घटना की आंच दिल्ली से निकलकर यूपी की राजधानी लखनऊ तक जा पहुंची है। वहां ‘विश्व हिंदू रक्षा परिषद’ के कार्यकर्ताओं ने पप्पू यादव का पुतला फूंककर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि भगवा वस्त्र का इस तरह राजनीतिक हथकंडे के रूप में इस्तेमाल करना सनातन परंपरा का सीधे तौर पर अपमान है।
लोकसभा अध्यक्ष सख्त, सचिवालय ने बताया ‘अस्वीकार्य स्वांग’ संसद के सबसे पवित्र मकर द्वार पर हुए इस घटनाक्रम से लोकसभा स्पीकर और सचिवालय बेहद नाराज हैं। सचिवालय ने इसे लोकतंत्र के मंदिर में ‘अस्वीकार्य आचरण और स्वांग’ करार दिया है। अधिकारियों का कहना है कि संसद भवन की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले ऐसे नाटकीय प्रदर्शनों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक संदेश देने के चक्कर में शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब विपक्ष के लिए चौतरफा मुसीबत का सबब बनता दिख रहा है।
