लखनऊ : अलीगंज की वो बिल्डिंग अब गिरेगी, जिसमें 22 जून को आग लगने से 15 मासूमों की जान गई थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण LDA ने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है। बिल्डिंग मालिक को खुद तोड़ने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, वरना LDA बुलडोजर चलाएगा और खर्च भी वसूलेगा।
क्या है LDA का आदेश? भौगोलिक संदर्भ
LDA कोर्ट ने अवैध निर्माण मानते हुए भवन तोड़ने की मंजूरी दी। जांच में सामने आया कि स्वीकृत नक्शे के उलट निर्माण किया गया था और फायर सुरक्षा में भी गंभीर खामियां थीं। पहले ही LDA ने मालिक को नोटिस भेजा था कि 15 दिन में जवाब न दिया तो बुलडोजर चलेगा। अब अंतिम आदेश में भी 15 दिन की मोहलत दी गई है, क्योंकि नियमावली में इसका प्रावधान है।
हादसे की वजह बना कमर्शियल इस्तेमाल
मूल रूप से ये भवन रिहायशी उपयोग के लिए पास हुआ था। लेकिन बाद में यहां कोचिंग सेंटर, एनीमेशन स्टूडियो, लाइब्रेरी और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियां चलने लगीं। LDA अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। सवाल अब ये उठ रहा है कि संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।
1000 और बिल्डिंग्स पर LDA का एक्शन
लखनऊ अग्निकांड के बाद LDA एक्शन मोड में है। जिन रिहायशी प्लॉट पर कमर्शियल गतिविधि चल रही थी, ऐसे करीब 1000 लोगों को नोटिस भेजे गए हैं। LDA का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती होगी। 15 दिन बाद खुद न टूटने पर सरकारी खर्च पर बिल्डिंग गिराकर वसूली की जाएगी।
